कैलाश पर्वत मंदिर पर पूजा अर्चना करते श्रद्धालु स्रोत संवाद
कैलाश पर्वत दिगंबर जैन मंदिर में भक्तामर विधान में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। कैलाश पर्वत दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित भक्तामर विधान के दौरान 108 श्री भाव भूषण महाराज ने श्रद्धालुओं को आत्मविश्वास का संदेश दिया। मंगल प्रवचन में उन्होंने कहा कि स्वयं के प्रति विश्वास ही जीवन की सबसे मजबूत कड़ी है। जिस व्यक्ति को अपने सामर्थ्य पर भरोसा होता है, वह कठिन परिस्थितियों में भी डगमगाता नहीं।
108 श्री भावभूषण जी मुनिराज ने मंगल प्रवचन में कहा कि आत्मबल और सकारात्मक सोच से ही सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है। यदि व्यक्ति स्वयं पर विश्वास कर आगे बढ़े, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं। कैलाश पर्वत दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे 48 दिवसीय भक्तामर विधान में श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम का शुभारंभ विधानाचार्य सौरभ शास्त्री ने मांगलिक मंत्रों के साथ किया। स्वर्ण कलश से अभिषेक का सौभाग्य प्रशांत जैन सागर व आकाश जैन को प्राप्त हुआ, जबकि शांतिधारा नीतेश जैन शास्त्री ने की। दीप प्रज्ज्वलन कुसुमलता जैन ने किया।
देव-शास्त्र-गुरु पूजन और आदिनाथ भगवान की आराधना के पश्चात 48 अर्घ्य अर्पित कर भक्तामर विधान संपन्न हुआ। 121 परिवारों ने विधान में सहभागिता कर पुण्य लाभ अर्जित किया। देश के विभिन्न प्रांतों से आए श्रद्धालुओं ने भक्तामर पाठ का वाचन किया। सुनीता दीदी एवं लीला देवी द्वारा प्रस्तुत भजनों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
प्रवचन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और सभी ने आत्मविश्वास के इस संदेश को जीवन में उतारने का संकल्प लिया। विधान का विसर्जन संजीव जैन एवं मीनू जैन ने किया। पंच परमेष्ठी एवं आदिनाथ भगवान की आरती श्रद्धापूर्वक संपन्न हुई।कार्यक्रम की सफलता में क्षेत्रीय पदाधिकारियों एवं स्थानीय जैन समाज का विशेष सहयोग रहा।
कैलाश पर्वत मंदिर पर पूजा अर्चना करते श्रद्धालु स्रोत संवाद