सीसीएसयू का गेट बंद कर छात्रों ने दिया धरना
मेरठ। बीएससी द्वितीय वर्ष में फेल छात्र-छात्राएं बुधवार को विश्वविद्यालय का गेट बंद कर धरने पर बैठ गए। विवि प्रशासन ने पांच छात्रों को दोबारा कॉपी दिखाई उसके बाद भी छात्र सभी को पास करने की मांग पर अड़े रहे। करीब छह घंटे चले हंगामे के बाद विवि प्रशासन ने स्पष्ट कहा कि छात्र-छात्राएं आरटीआई के माध्यम से अपनी कापियां ले सकते हैं।
बीएससी द्वितीय वर्ष और बीए में इस बार बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं फेल हो गए थे। इसको लेकर कई कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने कैंपस में प्रदर्शन किया था। विवि प्रशासन ने बीएससी द्वितीय वर्ष की उत्तर पुस्तिकाओं का दोबारा मूल्यांकन कराकर रिजल्ट जारी करने की बात कही थी। बुधवार को सैकड़ों छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय पहुंचे और गेट बंद कर धरने पर बैठ गए। छात्रों का कहना था कि उनको गलत तरह से फेल किया गया है। उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं को उत्तीर्ण करने की मांग की है। रजिस्ट्रार धीरेंद्र कुमार वर्मा ने पांच छात्रों को उनकी कॉपियां दिखाई, ये सभी फेल ही थे। इसके बावजूद छात्र-छात्राएं नहीं माने और धरने पर बैठे रहे। दोपहर 12 बजे से शाम छह बजे तक गेट बंद रहा। इसके बाद छात्र बृहस्पतिवार को अधिकारियों से मिलने की बात कहकर चले गए।
दूसरा गेट खोलकर अन्य छात्रों को दिलाया प्रवेश
विश्वविद्यालय का गेट बंद किए जाने से कैंपस में आने वाले अन्य छात्र-छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने दूसरा गेट खोलकर छात्रों को प्रवेश दिलाया। गेट बंद किए जाने को लेकर कैंपस के छात्रों की कॉलेजों से आए छात्रों से कहासुनी भी हुई।
माहौल बिगाड़ा तो होगी सख्त कार्रवाई
दिनभर हंगामे के बाद शाम को रजिस्ट्रार धीरेंद्र कुमार वर्मा, चीफ प्रॉक्टर प्रो. बीरपाल सिंह ने प्रेसवार्ता में कहा कि जो छात्र-छात्राएं अंकों को लेकर संतुष्ट नहीं हैं, वह आरटीआई के जरिए अपनी उत्तर पुस्तिका प्राप्त कर सकते हैं। ऑनलाइन उत्तर पुस्तिका की पीडीएफ छात्रों को उपलब्ध करा दी जाएगी। जिसके लिए उन्हें 300 रुपये शुल्क देना होगा। अगर छात्र को उत्तर पुस्तिका की मूल प्रति चाहिए तो वह भी प्राप्त कर सकते हैं। इसके बाद यदि कोई छात्र दोबारा मूल्यांकन कराना चाहता है तो वह 2500 रुपये शुल्क देकर करा सकता है। चीफ प्रॉक्टर प्रो. बीरपाल सिंह ने स्पष्ट किया कि अगर विश्वविद्यालय में ऐसी अव्यवस्था हुई तो विवि प्रशासन सख्त कार्रवाई करने के लिए मजबूर होगा। कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने अधिकारियों से कहा कि इन कॉलेजों के प्राचार्यों से भी बात करें।