मेरठ। वित्तीय वर्ष 2019-20 में अध्यनरत अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग के छात्र-छात्राओं की शुल्क प्रतिपूर्ति एवं छात्रवृत्ति को लेकर छात्रों ने बुधवार को मंडलायुक्त कार्यालय के मुख्य गेट के बाहर प्रदर्शन किया। छात्र नेता रोहित राणा ने कहा कि शासन ने आदेश जारी किया कि जिन छात्र-छात्राओं के इंटरमीडिएट में 60 प्रतिशत और पोस्ट ग्रेजुएशन में छात्रों के स्नातक में 55 प्रतिशत से कम अंक हैं उन्हें छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति नहीं की जाएगी। छात्र नेता ने बताया कि इस आदेश से लाखों छात्र-छात्राओं का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। इस आदेश से बड़ी संख्या में गरीब अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राएं आगे बढ़ने से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि पूर्व की भांति ही छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति दी जाए। इस आश्य का ज्ञापन कमिश्नर के अधीनस्थ अधिकारी को सौंपा। इस दौरान छात्र विशाल चौधरी, नीतीश भारद्वाज, अलसद त्यागी, प्रशांत चौधरी, हर्ष ढाका आदि रहे।