15 मई तक नहीं सुधरे हालात तो छात्र हो सकते हैं प्रोन्नत
मेरठ। कोरोना संक्रमण जिस तेजी से फैल रहा है उससे 15 मई तक हालात काबू में आने की संभावना कम है। ऐसे में सीसीएसयू की परीक्षाओं पर बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा। 15 मई तक सेमेस्टर, वार्षिक और प्राइवेट परीक्षाएं स्थगित की जा चुकी हैं। अगर से समय पर भी शुरू होती हैं तो भी 15 जुलाई से पहले परीक्षा समाप्त हो पाना मुमकिन नहीं है। सितंबर तक रिजल्ट आएगा, पूरा सत्र बेपटरी हो जाएगा। ऐसे में विवि प्रशासन को इस बार भी फाइनल ईयर को छोड़कर बाकी छात्र-छात्राओं को प्रोन्नत करने का निर्णय लेना पड़ सकता है।
सीसीएसयू में इस वक्त पांच लाख छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में लटक गया है। सेमेस्टर की तो 75 फीसदी परीक्षा पूरी हो चुकी हैं, लेकिन वार्षिक और प्राइवेट के 3 लाख 83 हजार छात्र-छात्राओं की परीक्षा बची हैं। दो महीने तक चलने वाली परीक्षा अगर कोरोना संक्रमण 15 मई तक कम नहीं हुआ तो पूरी तरह से फंस जाएगा। इसके बाद विवि के सामने छात्र-छात्राओं को प्रोन्नत करने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचेगा। विवि प्रशासन ने पिछले सत्र में लगातार परीक्षाएं कराकर किसी तरह से सत्र को नियमित करने का प्रयास किया, लेकिन इस बार हालात पिछली बार से भी खराब हैं। रजिस्ट्रार धीरेंद्र कुमार वर्मा का कहना है कि नए सत्र से नई शिक्षा नीति लागू होनी है, ऐसे में सत्र को समय से शुरू कराया जाना जरूरी है। हालात को देखते हुए विवि को बड़े निर्णय लेने पड़ सकते हैं।
18 लाख कॉपियों का मूल्यांकन बड़ी चुनौती
वार्षिक और प्राइवेट में 18 लाख के करीब कॉपियों का मूल्यांकन होता है। अगर 15 मई से 15 जुलाई तक परीक्षाएं कराई जाती हैं तो मूल्यांकन बड़ी चुनौती होगा। मई में एडमिशन प्रक्रिया शुरू हो जाती थी, लेकिन अब तक के हालात को देखते हुए परीक्षाएं ही संभव नहीं है। ऐसे में अगली कक्षाओं में प्रवेश सितंबर से पहले होना संभव नहीं होगा। ऐसे में विवि प्रशासन को पिछले सत्र की तरह फाइनल ईयर को छोड़कर बाकी वर्षों के छात्र-छात्राओं को प्रोन्नत करना पड़ सकता है। सेमेस्टर में भी एलएलबी-एलएलएम की परीक्षाएं होनी हैं। प्रथम सेमेस्टर के बैक पेपर होने हैं। परीक्षाओं की लिस्ट इतनी लंबी है कि विवि इनको दो महीने में भी पूरा नहीं करा पाएगा। सेमेस्टर की जून में संभावित होने वाली परीक्षाएं भी आ जाएंगी। इनके परीक्षा फार्म भी भरवाने होंगे।
प्रैक्टिकल-मौखिक परीक्षाएं भी मुसीबत
लिखित परीक्षा के लिए तमाम कोर्सों में प्रैक्टिकल-मौखिक परीक्षाएं लंबित हैं। सेमेस्टर और वार्षिक दोनों में परीक्षाओं के साथ इनको खत्म कराना बड़ी चुनौती होगी। रजिस्ट्रार का कहना है कि 15 मई तक कुछ भी कह पाना मुमकिन नहीं है। हालात ठीक हुए और 15 मई से परीक्षाएं शुरू हुईं तो ही कुछ कहा जा सकता है।