संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) में कथित भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताओं, मनमानी फीस वृद्धि और छात्र अधिकारों के दमन के खिलाफ छात्रों का विरोध तेज हो गया है। बुधवार को छात्रों ने सीसीएसयू परिसर में अभियान चलाकर कर्मचारियों को छात्रों को पोस्टर बांटे।
एडवोकेट आदेश प्रधान ने कहा कि छात्रों ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध न्याय की लड़ाई को और तेज करने की ठान ली है। 2022-23 की ऑडिट रिपोर्ट में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ियां उजागर हुईं, जिसमें करोड़ों की एफडी तोड़कर बिना नियमों के निर्माण कार्य कराए गए। ये कार्य शिक्षा सुधार के लिए नहीं, बल्कि कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार के लिए बताए जा रहे हैं। सहारनपुर के करीब 300 कॉलेज मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय में चले जाने के बाद भी परीक्षा कॉपियों के बजट में लगभग सात करोड़ रुपये की बढ़ोतरी कैसे हुई। यह सवाल प्रशासन की भूमिका पर गंभीर संदेह पैदा कर रहा है।
दूरस्थ शिक्षा (ओडीएल) की फीस इतनी बढ़ा दी गई है कि गरीब छात्र प्रवेश ही नहीं ले पा रहे, जबकि पहले प्राइवेट मोड में यही कोर्स 3500-4000 रुपये में उपलब्ध था। छात्र संघ चुनाव बंद होने से प्रशासन और छात्रों के बीच संवाद पूरी तरह खत्म हो गया है। सवाल उठाने पर छात्रों को नोटिस, निलंबन या प्रवेश रोकने की धमकी दी जाती है। परिसर में नशा और अराजकता को बढ़ावा देकर छात्रों को असली मुद्दों से भटकाने की कोशिश की जा रही है। इन सभी मुद्दों को लेकर बुधवार को छात्र नेता आदेश प्रदान के नेतृत्व में छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर व कर्मचारियों को पोस्टर वितरित किए।