पोस्टमार्टम के बाद देवराज का शव घर पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। परिवार के लोगों का रो रोकर बुरा हाल था। ग्रामीणों में भाइयों के बीच जमीन के विवाद को लेकर भी चर्चा रही। कहा कि क्या जमीन साथ जाएगी। उधर, सुरक्षा की दृष्टि से देवराज के घर पर मुंडाली थाने से एक दरोगा समेत तीन पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
फैसला नहीं किया तो मरना ही था
एसपी देहात के अनुसार मुख्य आरोपी ऋषिपाल ने शुक्रवार शाम को ही देवराज की हत्या की प्लानिंग बना ली थी। रात में आरोपी सोए नहीं थे और देवराज पर ही नजर रखे हुए थे। शुक्रवार रात करीब 12:30 बजे जैसे ही देवराज अपने घर में कमरे से बाहर टॉयलेट के लिए निकला तो पहले से घात लगाए बैठे ऋषिपाल के बेटे आदेश और सुधीर ने उसे पीछे से आकर दबोच लिया। देवराज शोर न मचा सके इसके लिए उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया था और उसे घसीटते हुए बाहर की तरफ ले आए।
वहीं, ऋषिपाल और उसकी पत्नी बृजेश व तीसरा बेटा भी आ गया। देवराज ने बचाव के लिए कोशिश भी की। लेकिन आरोपियों की संख्या इतनी थी कि उसे बचने तक का मौका भी नहीं दिया। देवराज ने हाथ भी जोड़े। लेकिन ऋषिपाल ने सीने पर पैर रख दिया था। उसके बाद रस्सी से उसका गला दबा दिया। मौत की तसल्ली करने के बाद पहले देवराज को कुछ दूर तक गोद में उठाकर ले गए थे। बाद में आदेश ने देवराज के शव को अपने कंधे पर रखा। पीछे से पैर सुधीर ने पकड़ रखे थे। गेहूं के खेत में नीम के पेड़ पर देवराज का शव लटका दिया था, जिससे पुलिस और गांव के लोग समझें कि देवराज ने फांसी लगाई है।
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