लखनऊ से पत्र आते ही बिजली कर्मचारियों की हड़ताल खत्म, काम पर लौटे कर्मचारी
मेरठ। लखनऊ से पत्र आने के बाद बिजली कर्मचारी काम पर लौट गए हैं। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक रोहित ने बताया कि देर रात पत्र मिल गया है। वहीं हड़ताल में शामिल होने वाले 230 कर्मचारियों को वेतन रोकने का नोटिस और 16 कर्मचारियों का तीन दिन का वेतन रोकने के आदेश जारी किए। इसके अलावा मेरठ डिस्कॉम में 17 संविदा कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी गई।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की ओर से 29 नवंबर से धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। शनिवार को पांचवें दिन भी कर्मचारियों ने ऊर्जा भवन पर धरना दिया। इस दौरान शहर के सभी बिजलीघरों पर ताला पड़ा रहा। पिछले पांच दिनों से न तो कोई नया कनेक्शन दिया गया। शनिवार को लखनऊ में ऊर्जा मंत्री और कर्मचारियों की बैठक हुई। समिति के अनुसार मंत्री ने काफी मांगों पर सहमति जता दी है। उसके बाद हड़ताल खत्म कर दी र्गई। इस दौरान सीपी सिंह, आरए कुशवाहा, केके सारस्वत, आशुतोष शर्मा, अमित खारी, मुकेश यादव, विवेक सक्सेना, भूपेंद्र सिंह, प्रियव्रत शर्मा, सुमित पाल, मोहित, अशोक मौजूद रहे।
अधिशासी अभियंता को दी श्रद्धांजलि
लखनऊ में तैनात अधिशासी अभियंता संदीप तिवारी की मौत पर कर्मचारियों ने शोक व्यक्त किया। ऊर्जा भवन में कर्मचारियों ने कैंडल जलाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान चार संविदा कर्मचारियों के निधन पर भी शोक प्रकट किया।
हुमायूं नगर में फाल्ट, दिनभर गायब रही बिजली
शनिवार को हुमायूं नगर फीडर में फाल्ट होने के कारण क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बाधित रही। सुबह 6 बजे बिजली गई तो देर शाम तक ठीक नहीं हो पाई। इसे लेकर सपा नेता बदर अली ने भी हंगामा किया। फाल्ट के कारण रसूल नगर, गैस गोदाम, हुमायूं नगर समेत कई क्षेत्र प्रभावित हुए। करीब 8 घंटे तक यहां विद्युत आपूर्ति बाधित रही। इसके अलावा कंकरखेड़ा, लोहियानगर समेत कई क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रही।
नोटिस दिए गए हैं
हड़ताल में शामिल 230 कर्मचारियों को नोटिस दिया गया है। 17 संविदा कर्मियों को बर्खास्त कर दिया। बड़ौत और हापुड़ में दो जेई निलंबित किए गए हैं।
अरविंद मल्लप्पा बंगारी, प्रबंध निदेशक पीवीवीएनएल