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हड़ताल खत्म, आज से चलेंगी स्कूल बसें

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वेस्ट एंड रोड स्थित स्कूलों की छुट्टी के दौरान लगा जाम।
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मेरठ। प्रदेश में मोटर व्हीकल एक्ट में बदलाव के विरोध में चल रही दो दिवसीय हड़ताल खत्म हो गई। शुक्रवार से सभी स्कूली वाहन यथावत चलेंगे। अधिनियम के विरोध में बृहस्पतिवार को शहर में स्कूली बसों की हड़ताल के चलते यातायात व्यवस्था ध्वस्त रही। हड़ताल कि दूसरे दिन भी हजारों परिजन और बच्चे बेहाल रहे। बच्चों को खुद लेकर आए परिजनों की स्कूलों के बाहर सुबह और दोपहर में भीड़ लगी रही। निजी वाहनों के कारण स्कूलों के बाहर घंटों जाम लगा रहा। वहीं जाम खुलवाने को कहीं कोई पुलिसकर्मी नहीं दिखा। स्कूलाें में दूसरे दिन भी 15 फीसदी तक कम उपस्थिति रही।
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प्रदेश में नए मोटर व्हीकल एक्ट के तहत स्कूली बसों में नियमों में बदलाव किए जाने के विरोध में एआईईईएफ की तरफ से दो दिन की बसों की हड़ताल का एलान किया गया था। स्कूलों में बस चलाने वालों और स्कूल संचालकों का कहना है कि जो नियम बनाए हैं, उनके बाद ट्रांसपोर्ट व्यवस्था बहुत महंगी हो जाएगी। तय घोषणा के मुताबिक बृहस्पतिवार को भी स्कूली बसें नहीं चलीं। शहर में सबसे बुरा हाल वेस्ट एंड रोड पर रहा। सोफिया स्कूल चौराहे के साथ माल रोड पर घंटों वाहन जाम में फंसे रहे। वेस्ट एंड रोड पर कई स्कूल होने के कारण सबसे खराब हालात रहे। छुट्टी होने से पहले और बाद में यहां घंटों जाम लगा। दिल्ली रोड, बागपत रोड, शास्त्रीनगर, जागृति विहार, गंगानगर, मोदीपुरम, कंकरखेड़ा, परतापुर, शताब्दीनगर समेत तमाम जगहों पर स्कूलों के बाहर यही हालात रहे।
परिवहन मंत्री से मिले सीआईएस पदाधिकारी
बृहस्पतिवार को धामपुर में परिवहन मंत्री अशोक कटारिया से सीआईएस के पदाधिकारी मिले और अपनी मांगें रखीं। सहोदय सचिव राहुल केसरवानी ने बताया कि मंत्रीजी ने कहा कि स्कूल वाहन, ठेकेदार व निजी वाहनों की दुर्घटना पर प्रिंसिपल व प्रबंधन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि आरटीओ मॉनिटरिंग टीम की जिम्मेदारी होगी। स्कूल वाहन में शिक्षक का होना अनिवार्य नहीं होगा, इसमें परिवर्तन की बात कही है। वाहन में महिला स्टाफ की अनिवार्यता को भी खत्म कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही स्कूल संचालकों व अफसरों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। इस दौरान अनीतिगत नियमों में बदलाव पर विचार होगा। स्कूल संचालकों ने कहा कि सरकार यूपी रोडवेज की बसों को ही स्कूल वाहन के रूप में चलाए। इससे सरकार को रेवेन्यू भी मिलेगा और स्कूलों व अभिभावकों की समस्या भी हल हो जाएगी।
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मुश्किल से मिल समय
सुबह बेटे को स्कूल छोड़ने की वजह से ऑफिस के लिए लेट हो गया। दोपहर में मुश्किल से समय निकालकर बेटे को लेने जाना पड़ा। हड़ताल की वजह से निजी व पेशेवर दोनों जिंदगी प्रभावित हो रही हैं। -अभिषेक जार्ज, निवासी साकेत
दुकान बंद करनी पड़ी
दोपहर में दुकान बंद कर बच्चों के लेने स्कूल जाना पड़ा। बच्चों को स्कूल छोड़ने और लेने जाने के लिए और कोई नहीं है। भीड़भाड़ होने की वजह से बच्चों को घर छोड़ने में कई घंटे लग गए। -विकास उपाध्याय, निवासी बक्सर
पढ़ाई हो रही प्रभावित
स्कूल में कम छात्र आने की वजह से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अभिभावकों को दोपहर में घर ही रुकना पड़ रहा है। स्कूल संचालकों व शासन को जल्द समस्या का हल निकालना चाहिए। -राहुल चौधरी, निवासी सी-ब्लाक
बच्चों को करना पड़ा इंतजार
मवाना रोड पर दोपहर में जाम व ऑफिस से टाइम ना मिलने की वजह से स्कूल पहुंचने में देर हो गई। बच्चे को आधे घंटे से ज्यादा स्कूल में इंतजार करना पड़ा। हड़ताल की वजह से बहुत परेशानी हो रही है। -अंशुल तायल, निवासी मीनाक्षीपुरम
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