मेरठ। डेयरी संचालकों पर प्रशासन की सख्ती का असर दिखने लगा है। निगम अधिकारियों ने शनिवार को मकबरा डिग्गी इलाके में डेयरियों के खिलाफ अभियान चलाने का निर्णय लिया था। अधिकारी तो अभियान चलाने नहीं पहुंचे। लेकिन डेयरी संचालकों ने दिन निकलते ही स्वयं अपने पशुओं को वाहनों में भरकर शहर से बाहर भेजना शुरू कर दिया।
डेयरी संचालकों की मानें तो क्षेत्र से एक ही दिन में 200 से अधिक पशु शहर से बाहर भेजे गए। दोपहर बाद नगरायुक्त टीम के साथ घोसियान में पहुंचे। कुछ डेयरियों में पशुओं को देखकर नगरायुक्त ने चेतावनी दी कि या तो वह सुबह 10 बजे तक पशुओं को शहर से बाहर कर दें नहीं तो निगम पशुओं को जब्त करके प्रत्येक पशु पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाएगा।
बताया गया कि मकबरा डिग्गी में सबसे अधिक डेयरियां संचालित हैं। यहां 400 से अधिक पशु बताए जाते हैं। शनिवार को मकबरा डिग्गी में अभियान चलना था। लेकिन सूचना मिली कि डेयरी संचालक स्वयं ही पशुओं को शहर से बाहर भेज रहे हैं तो टीम ने कदम पीछे खींच लिए। हालांकि दोपहर बाद सभी अधिकारी निरीक्षण करने पहुंचे। सभी डेयरी संचालकों को समय रहते सभी डेयरियों को शहर से बाहर करने की चेतावनी दी।
हिंदी भवन से नहीं हटे पशु
नगर निगम ने पुलिस बल के साथ शुक्रवार को पटेल नगर हिंदी भवन में संचालित डेयरियों के खिलाफ अभियान चलाया था। डेयरी संचालक ने रात्रि में सभी पशुओं को डेयरी से बाहर करने का आश्वासन दिया था। जिसके बाद निगम दस्ते ने हिंदी भवन की तरफ जाना गवारा नहीं समझा। जिसका परिणाम यह हुआ कि शनिवार को भी आठ-दस पशु यहां पर मिले।
वाजपेयी को ज्ञापन सौंपा
मेरठ। शहर के डेयरी संचालकों ने शनिवार को डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी को उनके आवास पर ज्ञापन सौंपा। डेयरी संचालकों ने वाराणसी में कैटल कॉलोनी का हवाला देते हुए कहा कि सभी डेयरी संचालक हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन करने को तैयार हैं। लेकिन यहां भी कैटल कालोनी विकसित करने के बाद ही शहर से डेयरियों को उजाड़ा जाए। डॉ. वाजपेयी ने इस संबंध में जिला प्रशासन से बात करने की बात कही।
वाराणसी की तर्ज पर विकसित कराएं कैटल कालोनी
मेरठ। शहर से बाहर कैटल कालोनी विकसित करने और उसके बाद ही डेयरियों को शहर से बाहर करने का प्रस्ताव लेकर एडीएम सिटी कार्यालय पर अधिकारियों से वार्ता करने के लिए भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी पहुंचे। इनके साथ संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष नवीन गुप्ता भी रहे।
डा. वाजपेयी ने बैठक में उपस्थित नगरायुक्त, एडीएम सिटी, सिटी मजिस्ट्रेट और अपर नगरायुक्त के सामने हाईकोर्ट का आदेश रखा। जिसमें उन्होंने आदेश के बिंदु संख्या पांच का हवाला देते हुए कहा कि आदेश में डेयरियों को शहर से बाहर करने के साथ साथ कैटल कालोनी विकसित करके देने का भी है। जब डेयरियों को बाहर किया जा रहा है तो उनको बसाने का काम भी किया जाना चाहिए। जब वाराणसी ने कैटल कालोनी विकसित की है तो मेरठ नगर निगम क्यों नहीं कर रहा है। इस पर एडीएम सिटी ने कहा कि प्रशासन डेयरियों को शहर से बाहर करके हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन कर रहा है। कैटल कालोनी के लिए एमडीए के पास कोई जमीन ही नहीं है। नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान ने कहा कि जो डेयरी संचालक न्यायालय के आदेश की अवहेलना करेगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पशु जब्त करके प्रत्येक पशु पर दस हजार रुपया जुर्माना लगाया जाएगा। डेयरी संचालक को वह पशु दस हजार रुपये जमा करने पर ही वापस मिलेगा इस पर नवीन गुप्ता ने एतराज जताया। हालांकि बाद में एडीएम सिटी ने प्रस्ताव को डीएम के सामने रखने का आश्वासन दिया।