आवास विकास अधिकारियों के अनुसार वाजपेयी का आवासीय भूखंड करीब तीन सौ वर्ग मीटर का है। जिसमें मानचित्र के विपरीत बेसमेंट बनाया गया। जबकि छह बहुमंजिला फ्लैटों का भी निर्माण कर दिया गया। इसके अलावा बिल्डिंग की छत पर एक मोबाइल टावर भी लगाया गया। अधिकारियों के अनुसार भवन में निर्माण किये गये कुछ फ्लैट्स बेच भी दिए गए। ऐसे में आवासीय भूखंड का व्यावसायिक उपयोग भी सामने आ रहा है। आवास विकास मामले में 1999 से लगातार लक्ष्मीकांत वाजपेयी को नोटिस दे रहा है। लेकिन भूखंड पर लगातार निर्माण जारी रहा। डॉ. संदीप पहल ने छह अप्रैल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन विभाग, आवास आयुक्त धीरज साहू, आयुक्त डॉ. प्रभात कुमार, जिलाधिकारी अनिल ढींगरा, संयुक्त आवास आयुक्त महेंद्र प्रसाद से शिकायत की थी। संदीप पहल की शिकायत पर आयुक्त ने मामले में ध्वस्तीकरण के निर्देश दिए हैं। सहायक अभियंता देवेंद्र कुमार ने बताया कि मामले में आयुक्त ने पिछले माह भी ध्वस्तीकरण के निर्देश दिए थे। लेकिन पुलिस फोर्स न मिलने के कारण मामले में किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जा सकी है। उधर, मामले में डॉ. संदीप पहल ने कहा कि आवास विकास से कार्रवाई न होने पर आरटीआई द्वारा जवाब मांगा गया था। जिसमें परिषद द्वारा पुलिस फोर्स न मिलने के कारण कार्रवाई में देरी होना बताया गया।
नियमों का पालन करेंगे
जिन लोगों ने भवन बनाया था मैंने उनसे नक्शे मांगे हैं। शमन योजना में इस निर्माण को समायोजित कराएंगे, जो हिस्सा शमन योग्य नहीं होगा उसे स्वत: ही तोड़ लेंगे। नियमों का पूरा पालन किया जाएगा।- डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/