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फर्जी जाति प्रमाणपत्रों पर सख्ती जरूरी, पात्र व्यक्ति का अधिकार नहीं छिनना चाहिए: लव कुश कुमार

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- कृषि विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य ने अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक
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- किसानों के लिए गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराने पर दिया जोर
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
मोदीपुरम। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में सोमवार को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य लव कुश कुमार ने कुलपति सभागार में विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता, निदेशकों एवं विभागाध्यक्षों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने अनुसूचित जाति कर्मचारी कल्याण संघ के प्रतिनिधियों से संवाद किया। साथ ही अनुसूचित जाति वर्ग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संविधान प्रदत्त अधिकारों सेवा सुरक्षा तथा उनके समक्ष आने वाली समस्याओं की विस्तार से जानकारी ली।
बैठक को संबोधित करते हुए लव कुश कुमार ने कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग के लिए जारी किए जाने वाले ऑनलाइन जाति प्रमाणपत्रों की नियुक्ति से पहले पूरी गंभीरता के साथ जांच होनी चाहिए। कहा, कई मामलों में फर्जी प्रमाणपत्रों के माध्यम से अपात्र लोग लाभ प्राप्त कर लेते हैं। जिससे वास्तविक पात्र व्यक्ति अपने अधिकार से वंचित रह जाता है। कहा, किसी भी स्थिति में फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर किसी का हक नहीं छीना जाना चाहिए। यदि सही व्यक्ति को उसका अधिकार मिलेगा तो उसका परिवार आगे बढ़ेगा और सामाजिक न्याय की भावना मजबूत होगी। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग के कर्मचारियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए।
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उन्होंने कहा कि किसानों को गुणवत्तायुक्त गन्ने का बीज उपलब्ध कराना विश्वविद्यालय की प्राथमिकताओं में होना चाहिए। विश्वविद्यालय को ऐसी उच्च उत्पादकता वाली गन्ना प्रजातियों का बीज कम कीमत पर किसानों तक पहुंचाने का प्रयास करना चाहिए ताकि किसान समय पर बुआई कर सकें और उनकी उत्पादन लागत भी कम हो। उन्होंने कहा कि किसानों के सामने अनेक चुनौतियां हैं, जिनका समाधान आधुनिक कृषि तकनीक उन्नत बीज और वैज्ञानिक खेती के माध्यम से किया जा सकता है।
कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रदेश में अपनी उत्कृष्ट उपलब्धियों के कारण प्रथम स्थान बनाए हुए है। छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शिक्षण अनुसंधान प्रशिक्षण और कृषि तकनीकों के प्रसार से जुड़े कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय किसानों तक नई तकनीक और उन्नत कृषि पद्धतियां पहुंचाने के लिए भी लगातार कार्य कर रहा है।
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संचालन निदेशक प्रशासन एवं अनुश्रवण डॉ. यूपी शाही ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन एसोसिएट डायरेक्टर प्रशासन एवं अनुश्रवण डॉ. पीके सिंह ने दिया।
इस दौरान कुलसचिव डॉ. वीपी सिंह, वित्त नियंत्रक पंकज चतुर्वेदी, निदेशक प्रसार डॉ. सतेंद्र खारी, डॉ. आरएस सेंगर, डीन डॉ. विवेक कुमार, डीन डॉ. बिजेंद्र सिंह, डॉ. तरुण सरकार, डॉ. रश्मि, डॉ. जैनथा, डीएसडब्ल्यू डॉ. डीके सिंह, डीन डॉ. जयवीर सिंह यादव आदि मौजूद रहे।

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