तनाव ने छीन ली जिंदगी...काफी समझाया, बाहर
घुमाया...फिर भी बिटिया को न बचा सका परिवार
मेरठ। शास्त्रीनगर में गोल्डन टावर की पांचवीं मंजिल से छात्रा अवनी के कूदकर जान देने के बाद परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया। परिजनों ने कहा कि बिटिया का तनाव कम करने के लिए उसे काफी दिन तक समझाया, बाहर भी घुमाया। इसके बाद भी वह अवसाद से बाहर न आ सकी। इस तनाव ने ही बिटिया की जिंदगी छीन ली। घटना के बाद अवनी के शव का अंतिम संस्कार बृज घाट पर किया गया और चाचा चिराग ने चिता मुखाग्नि दी। परिवार के मुताबिक रोहित और उनके तीनों भाई चिराग, आशु एवं विशाल की भी लाडली थी अवनी। वह इंजीनियर बनना चाहती थी, लेकिन 12वीं में प्री-बोर्ड में नंबर कम आने से तनाव में आ गई थी।
मूल रूप से मुंडाली के गांव आड़ के रहने वाले व्यापारी बृजभूषण के चार पुत्रों के परिवार खरखौदा में रहते हैं। रोहित का परिवार गोल्डन टावर में रह रहा था। भाई चिराग भी कंस्ट्रक्शन का काम करते हैं जबकि आशु और विशाल हार्डवेयर से जुड़े व्यापारी हैं। रोहित के दो बच्चे थे। चिराग के दो बेटी, आशु का एक बेटा है। वहीं, विशाल का कोई बच्चा नहीं है। अवनी का भाई शिवा कैंट स्थित दीवान स्कूल का छात्र है।
परिवार के लोगों ने बताया कि जन्मदिन पर भी सबसे ज्यादा उपहार अवनी को ही मिलते थे। उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि बेटी ऐसा कदम उठा लेगी। घटना का पता चलने पर तीनों भाइयों ने रोहित को फोन किया। उनके शास्त्रीनगर पहुंचने से पहले ही रोहित बेटी का शव लेकर खरखौदा पहुंच गए। यहां शव पहुंचते ही परिजन बिलखने लगे और लोगाें की भीड़ जुट गई।
पुलिस के अधिकारियों को फोन करके कहां कि बेटी का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते। यह एक हादसा है, उनको कोई शिकायत नहीं देनी। बेटी तनाव में थी, इसकी जानकारी माता-पिता को थी। अवनी ने ऐसा कदम उठाया कि परिवार सदमे में है। माता-पिता को परिवार के लोग संभालने में लगे रहे, लेकिन वह गुमसुम है। एसएसपी रोहित सजवाण ने बताया कि परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम और अन्य कार्रवाई नहीं कराई है।
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पांचवीं मंजिल तक कैसे पहुंची अवनी, उठे सवाल
- अवनी पांचवीं मंजिल पर कैसे पहुंची, इसे लेकर सोसाइटी के लोग भी सवाल उठा रहे हैं। सोसाइटी में सिक्योरिटी गार्ड और सफाई कर्मचारी हैं। इसके बावजूद स्कूल ड्रेस में छात्रा कैसे वहां तक पहुंच गई। लोगों का कहना कि सुरक्षा मद्देनजर भी वहां पर कोई सुविधा नहीं है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि कभी कोई शिकायत नहीं की गई। सोसाइटी के सचिव एवं पूर्व प्रिंसिपल डॉ. डीके जैन का कहना कि अवनी बहुत ही हंसमुख थी। उसने ऐसा कदम क्यों उठाया, इससे सभी हैरान हैं।
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स्कूल जाने की बात कहकर गई थी
- परिवार ने बताया कि अवनी सुबह 9:30 बजे अपनी मां आकांक्षा से स्कूल जाने की बात कहकर फ्लैट से गई थी। सफाई कर्मचारी और सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के अनुसार सुबह 10:15 बजे अवनी छत से कूदी है। सोसाइटी के एक युवक ने बताया कि अवनी 40-45 मिनट छत पर घूमती रही। हेल्मेट और स्कूल बैग भी छत पर रखा था। अंदेशा है कि काफी देर घूमने के बाद ही अवनी छत से कूदी है। इस दौरान अवनी की किसी से बात हुई या नहीं। इसकी जानकारी भी पुलिस जुटाने में लगी है। वहीं, यह भी बताया गया है कि सोसाइटी के एक बुजुर्ग की मौत बीमारी के चलते रविवार रात एक निजी अस्पताल में हो गई थी। सोसाइटी के पदाधिकारी और स्थानीय लोग श्रद्धांजलि देने के लिए खड़े थे। कुछ लोगों ने अवनी की चीख सुनी। काफी देर तक उन्हें कुछ समझ नहीं आया। बाद में घटना का पता चला।
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खरखौदा में बाजार बंद, व्यापारियों का लगा तांता
अवनी का शव खरखौदा पहुंचने के बाद स्थानीय बाजार की काफी दुकानें बंद हो गईं। घर पर व्यापारियों और अन्य लोगों का तांता लग गया। भाजपा, सपा सहित अन्य पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता भी पहुंचे। उन्होंने परिजनों को सांत्वना दी।