अपनी मांगों को लेकर तहसील पर धरना देते भाकियू कार्यकर्ता, उनसे वार्ता करते एसडीएम मवाना।
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मवाना। भाकियू कार्यकर्ताओं ने पूर्व घोषणा के अनुसार गन्ने से लदी ट्रैक्टर ट्राली लेकर तहसील में पहुंचे तथा तहसील गेट के सामने अपनी मांगों को लेकर धरना शुरू कर दिया। उपजिलाधिकारी, सीओ, गन्ना समिति सचिव व मिल अधिकारियों ने किसानों की अधिकांश मांगों को पूरा करने के लिए आश्वासन दिया। लेकिन कार्यकर्ता साथ लाई ट्रालियों में लदे गन्ने को तुलवाने पर अड़ गए। समिति सचिव ने बिना पर्ची गन्ना तौलने से इंकार कर दिया। करीब छह घंटे तक तहसील पर डटे रहे।
भारतीय किसान यूनियन के मंडल महामंत्री नरेश चौधरी के नेतृत्व में मंगलवार को भाकियू कार्यकर्ता चार ट्रैक्टर ट्रालियों में गन्ना भरकर तहसील में पहुंचे तथा तहसील के बाहर गन्ने से लदे वाहन खडे़ कर तहसील में मुख्य गेट के सामने धरना देकर बैठ गए। प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं की मांग थी कि चीनी मिल पर किसानों का चला आ रहा बकाया भुगतान कराया जाए, गन्ने के खेतों में पत्ती एवं पराली जलाने पर किसानों पर दर्ज मुकदमें वापस हों, विद्युत विभाग द्वारा मुकदमे भी वापस किए जाएं। एसडीएम अंकुर श्रीवास्तव, सीओ संजीव देशवाल, इंस्पेक्टर विनय कुमार मय फोर्स के मौके पर पहुंचे । मांगों को लेकर कार्यकर्ता मिल अधिकारियों को भी धरनास्थल पर बुलाने पर अड़ गए। जानकारी पर मवाना चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक प्रमोद बालियान, समिति सचिव प्रदीप शर्मा ने किसानों से बातचीत कर मांग पूरी करने का आश्वासन दिया। नेता नरेश चौधरी व अन्य किसान गन्नों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को बिना पर्ची के चीनी मिल में तुलवाने की बात पर अड़ गए। चीनी मिल के अधिकारियों से लेकर पुलिस-प्रशासन ने बिना पर्ची के गन्ने की ट्रोली तुलवाने से इंकार कर दिया। कार्यकर्ताओं ने तहसील गेट पूरी तर बंद कर दिया। कार्यकर्ताओं को लगा कि गन्ना की तौल नहीं हो सकेगी। जिसके बाद वह स्वयं ही धरना स्थल से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को लेकर चले गए। धरना देने वालों में चौ. महकार, संजय दौरालिया, डॉ. विकास, डॉ. अभय, डॉ. टीटू, बबलू, तेजपाल व राशिद आदि मौजूद रहे।
22 करोड का भुगतान किया
गन्ना समिति सचिव प्रदीप कुमार शर्मा ने बताया कि मिल से 22 करोड़ रुपये का बकाया गन्ना भुगतान प्राप्त हुआ है। भुगतान दो दिनों में किसानों के खातों में पहुंच जाएगा।