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प्रेमिका के सहारे 50 हजार के इनामी तक पहुंची STF, मुठभेड़ में ढेर

Sat, 30 Sep 2017 08:23 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
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कुख्यात बदमाश मुठभेड़ में ढेर - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मेरठ में पहले साबिर का भाई वासिल और अब वसीम। एक की मौत प्रेम के चलते संदिग्ध हालात में हुई तो वसीम तक एसटीएफ उसकी प्रेमिका के सहारे पहुंची और आखिरकार तीन माह के होमवर्क के बाद कुख्यात के भाई को ढेर कर दिया।
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कुख्यात वसीम की प्रेमिका सरूरपुर इलाके के एक गांव में रहती है। वसीम छह माह पहले उसको लेकर फरार हो गया था। पंचायत भी हुई थी। जिसके बाद वसीम ने खुद ही प्रेमिका को उसके घर छोड़ दिया था। लेकिन वसीम लगातार उसके संपर्क में था। जिसको लेकर किशोरी के परिजनों में गुस्सा था। एसटीएफ ने प्रेमिका के नंबर से वसीम को ट्रेस किया। किशोरी के परिजनों ने वसीम के बारे में बताया। 

पुलिस के अनुसार कुख्यात साबिर जंघेड़ी का छोटा भाई वासिल भी सरूरपुर के एक गांव में अपने दोस्त के घर पर रहता था। वासिल को दोस्त की बहन से प्रेम प्रसंग हो गया था। वासिल के साथ साबिर, मुकीम काला और उसके भाई वसीम ने वारदात के बाद सरूरपुर में उसके दोस्त के घर शरण ली थी। मुकीम व साबिर के जेल जाने के बाद वसीम वासिल के साथ सरूरपुर इलाके में रहने लगा। जहां पर वसीम का भी एक किशोरी से प्रेम प्रसंग हो गया था। वासिल की संदिग्ध हालात में मौत हो गयी थी। लेकिन वसीम लगातार अपनी प्रेमिका से मिलने सरूरपुर आता था। इसकी जानकारी ग्रामीणों को भी थी। किशोरी के परिजनों ने विरोध भी किया। लेकिन वसीम धमकी दे देता था। वसीम ने तीन दिन किशोरी को अपने साथ रखा था। परिजनों ने शादी कराने की बात कही, तब जाकर वसीम ने किशोरी को उसके घर छोड़ा। इसकी जानकारी एसटीएफ को लगी, तो उसने वहां से उसको ट्रेस किया।
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पुलिस का मुखबिर तंत्र फेल

एसटीएफ की टीम - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
वासिल और वसीम के एक ही गांव में प्रेम संबंध थे। करीब दो साल से दोनों का यहां आना-जाता था। लेकिन रोहटा व सरूरपुर पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। 

लगातार मुठभेड़ के बाद वेस्ट की जेलों में बढ़ी हलचल
मेरठ। मेरठ जोन के जिलों में लगातार हो रही मुठभेड़ के चलते पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जेलों में हलचल मची है। इन जेलों में जहां जरायम के कई नामी चेहरे बंद हैं तो कई कुख्यात पूर्व में पूर्वांचल की जेलों में शिफ्ट हुए थे। पहले तो मुठभेड़ पैरों में गोली लगने तक ही सीमित रहती थी। लेकिन पड़ोसी जिलों के बाद मेरठ में भी मुकीम काला गैंग के शार्प शूटर मंसूर पहलवान और फिर उसके बाद मुकीम काला के ही सगे भाई वसीम काला के मुठभेड़ में ढेर होने के बाद बड़े बदमाशों में दहशत फैल गयी है।

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पुलिस से बचकर निकल गया था वसीम
11 सितंबर को एसओ कैराना की टीम ने कैराना के गांव अलीपुर के जंगल में एक ट्यूबवेल पर वसीम और उसके साथी को घेर लिया था। पुलिस की गोली से बदमाश अनुज निवासी पीनना मुजफ्फरनगर घापल हो गया था। जबकि वसीम फरार हो गया था। इसके बाद वसीम पर 12 हजार का इनाम बढ़ाकर 50 हजार करने की संस्तुति भेजी गयी थी।

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