शुक्रवार को एसटीएफ टीम ने विवि के एक पूर्व छात्र को हिरासत में लिया। गहन पूछताछ के दौरान उसने सनसनीखेज जानकारी दी। उसने बताया कि वो विवि के कर्मचारियों के साथ मिलकर आंसर बुक सेंटर से एमबीबीएस की उत्तरपुस्तिकाएं निकलवाकर उसकी जगह दूसरी नई कॉपी लिखवाकर उसको सेंटर में जमा कराने का ठेका ले रहा था। इसके बाद बार कोडिंग होने पर किसी को इसकी भनक तक नहीं लगती कि परीक्षा वाली कॉपी को बदल दिया गया है। इसके एवज में छात्रों से मोटी रकम वसूले जाने की बात तय हुई।
कई जगहों पर दी दबिश
इतनी बड़ी जानकारी सामने आने के बाद एसटीएफ की टीम शुक्रवार को विवि पहुंची और कई एमबीबीएस छात्रों से जानकारी जुटाई। इसके बाद टीम कई जगहों पर दबिश दे रही है। अभी तक कितनी उत्तरपुस्तिकाओं को बदला गया है। कौन-कौन इस गिरोह में शामिल हैं, इसको लेकर जांच की जा रही है। एसटीएफ सूत्रों का कहना है कि जांच के बाद ही पूरी स्थिति साफ हो पाएगी कि मामले के पीछे का सच क्या है। जांच बेहद गोपनीय रखी जा रही है। विवि के अफसरों को भी इसकी जानकारी नहीं दी गई है।
ब्रिजेश सिंह, सीओ एसटीएफ ने बताया कि, एक आरोपी हिरासत में है। उसके साथियों की तलाश में टीम जुटी है। एक-दो दिन में पूरे स्कैंडल का खुलासा कर दिया जाएगा।