मेरठ। रतिराम खूबचंद फर्म के मालिक संजय कुमार ने बयान दर्ज कराए या नहीं, इसे लेकर विरोधाभास है। पुलिस का कहना है कि बयान दर्ज नहीं कराए हैं। पुलिस जल्द ही दूसरा नोटिस देने की तैयारी में है। जबकि कारोबारी के अधिवक्ता ने बयान दर्ज कराने की बात कही है।
केरोसिन का 71 हजार लीटर अवैध स्टॉक रखने के आरोप में तेल कारोबारी संजय कुमार के खिलाफ पूर्ति निरीक्षक ने थाना परतापुर में आवश्यक वस्तु अधिनियम में केस दर्ज कराया था। बाद में संजय कुमार को कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई थी। इस केस की विवेचना परतापुर थाने के एसआई श्योराज सिंह कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि संजय कुमार को दस दिन पहले नोटिस देकर जवाब मांगा गया था। लेकिन न तो संजय कुमार द्वारा कोई जवाब दिया गया और न ही उनके अधिवक्ता ने।
इंस्पेक्टर परतापुर आनंद मिश्रा का कहना है कि विवेचना साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। केरोसिन का स्टॉक कहां से आया, कहीं कालाबाजारी के लिए तो नहीं था, केरोसिन यहां से कहां सप्लाई होता था, केरोसिन मिलावटी है या कालाबाजारी के लिए है, इन सभी बिंदुओं पर जांच हो रही है। केरोसिन के सैंपल की रिपोर्ट भी नहीं आई है। अभी तक ऑयल डिपो से भी रिपोर्ट नहीं मिली है। ऑयल कंपनियों से भी रिपोर्ट मांगी गई है। जल्द ही कारोबारी को दूसरा नोटिस भेजा जाएगा।
तेल कारोबारी संजय कुमार के अधिवक्ता रामकुमार शर्मा का कहना है कि मेरे क्लाइंट के बयान कई रोज़ पहले हो चुके हैं। मामला कोर्ट में है इसलिए मैं इससे अधिक नहीं बता पाऊंगा। हम विवेचना में पुलिस-प्रशासन को पूरा सहयोग कर रहे हैं। जब भी जांच अधिकारी ने हमें बुलाया, हमने पूर्ण सहयोग दिया। शासन प्रशासन और न्यायपालिका पर हमें पूर्ण विश्वास है कि हमारे साथ न्याय होगा।