संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। कस्बे के गुरु शरणम तीर्थ में रविवार को आचार्य अनुकरण सागर महाराज के 12वें वर्षायोग (चातुर्मास) के उपलक्ष्य में मंगल कलश स्थापना समारोह श्रद्धा और भक्ति के साथ आयोजित किया गया। मुनि प्रतीक सागर महाराज के सानिध्य में हुए इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्मलाभ अर्जित किया।
मीडिया प्रभारी नवीन कुमार जैन ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ प्रीति जैन ने ध्वजारोहण कर किया, जबकि हेमा जैन ने आचार्य के चित्र का अनावरण किया। दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का विधिवत शुभारंभ हुआ। पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच मुख्य मंगल कलश की स्थापना की। श्रद्धालुओं ने मुनिश्री के चरणों में श्रीफल अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
धर्मसभा में आचार्य अनुकरण सागर महाराज ने कहा कि चातुर्मास के चार महीने साधु-संत जीव रक्षा, संयम और तप-साधना के लिए समर्पित रहते हैं। इस अवधि में वह पद विहार नहीं करते, बल्कि एक ही स्थान पर रहकर आत्मकल्याण, स्वाध्याय और धर्म प्रभावना के माध्यम से समाज को आध्यात्मिक दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि चातुर्मास आत्मचिंतन और सदाचार को जीवन में उतारने का श्रेष्ठ अवसर है।
दीक्षा दिवस समारोह भी मनाया गया। जैन पाठशाला के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने भक्ति और संस्कार से ओत-प्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। कार्यक्रम के समापन पर डीके जैन और राकेश जैन ने अतिथियों एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर नवीन जैन, मयंक, राकेश, अतुल, हेमंत, संजय, विनय, राजेंद्र, राजेश, जम्मू प्रसाद, प्रदीप, राहुल, विपिन, प्रवीन, अमित, अक्षत, अभिषेक, प्रद्युम्न, शुभम सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
गुरु शरणम तीर्थ में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु स्रोत मंदिर