मेरठ में एनएएस कॉलेज में सरेआम तमंचा लहराकर दहशत फैलाने और छात्रनेता पर जानलेवा हमला करने के नामजद आरोपी सोमवार को समझौते के शपथपत्र लेकर थाना सिविल लाइन पहुंच गए। एसएसआई और आरोपियों में बातचीत चल ही रही थी कि मीडिया भी वहां पहुंच गई। जिस पर आरोपी भाग निकले। पुलिस भी पल्ला झाड़ने लगी कि उसे नामजद आरोपियों के बारे में जानकारी नहीं थी।
29 अगस्त को एनएएस कॉलेज में छात्रों के दो गुटों में जमकर लाठी डंडे चले थे। जिसमें एक छात्र सरेआम स्कूल बैग से तमंचा निकालकर छात्रनेता की तरफ गोली मारने के लिए दौड़ा था। इसकी वीडियो भी वायरल हुई थी। कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष तरुण मलिक की तहरीर पर राहुल मावी, अतुल, सागर और विनीत समेत आठ छात्रों पर जानलेवा हमले का केस दर्ज हुआ था। लेकिन सिविल लाइन पुलिस नामजद आरोपियों को भूल गई।
सोमवार को नामजद आरोपी राहुल और अतुल कुछ लोगों के साथ थाने पहुंचे। जहां पर एसएसआई सतपाल सिंह को मामले की जानकारी देते हुए समझौते के शपथपत्र देने लगे। एसएसआई ने जानलेवा हमले का समझौता थाने में न होने की बात कह दी। इस बीच सूचना पर मीडियाकर्मी भी थाने पहुंच गए थे।
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