मेरठ। एमडीए अधिकारियों की लापरवाही के चलते शहर में अवैध निर्माण के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। कई बहुमंजिला भवनों के निर्माण में मानकों का भी ध्यान नहीं रखा जा रहा है। इन मामलों में कुछ एमडीए अफसरों की मिलीभगत भी सामने आ रही है। एमडीए उपाध्यक्ष का अवैध निर्माण के खिलाफ बयान भी कागजों तक ही सिमटा नजर आ रहा है। वजह शहर के पॉश इलाके थापर नगर में फ्लैट, बहुमंजिला भवन और ईव्ज चौराहे के पास अस्पताल का निर्माण कराया जा रहा है। दोनों मामलों के संज्ञान में आने के बाद एमडीए सचिव ने जोनल अधिकारियों को निर्माण के संबंध में रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।
शासन के निर्देश पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में होने वाली वीडियो कांफ्रेंसिंग में अतिक्रमण, अवैध निर्माण पर रिपोर्ट तैयार की जाती है। रिपोर्ट में छोटे-मोटे स्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई दिखा दी जाती है। लेकिन बड़े निर्माण अभी भी एमडीए के लापरवाह अधिकारियों की नजर से बाहर हैं। निर्माण हो जाने के बाद इन्हें ध्वस्त करना एमडीए के लिए चुनौती बन जाता है। ऐसा ही इन दोनों स्थानोें पर हो गया है।
नोटिस से आगे की कार्रवाई पर चुप्पी
ईव्ज पेट्रोल पंप के बराबर में बन रहे अस्पताल के भवन निर्माण पर एमडीए द्वारा कई माह पहले नोटिस जारी किया जा चुका है। लेकिन सेटिंग के खेल में माहिर एमडीए अधिकारी नोटिस तक ही अपनी कार्रवाई सीमित रखे हैं। नोटिस के बाद भी लगातार निर्माण जारी है। एमडीए ने ध्वस्तीकरण तो दूर निर्माण रोकने के लिए सील लगाने तक की कार्रवाई आज तक नहीं की।
‘मानचित्र पास’ का बोर्ड लगाकर निर्माण
थापर नगर में बन रहे चार मंजिला फ्लैट में मानचित्र पास का बोर्ड लगाकर निर्माण हो रहा है। जब इस मामले में सचिव ने जोनल अधिकारी करनवीर सिंह से जानकारी मांगी तो उन्होंने अनभिज्ञता जताई। इस पर सचिव ने मौके पर जाकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। वहीं ईव्ज पेट्रोल पंप के पास हो रहे निर्माण पर जोनल अधिकारी धीरज सिंह ने बताया कि निर्माण पर नोटिस जारी हो चुका है। इस पर एमडीए सचिव ने सील लगाने का निर्देश दिया।
नोटिस जारी, रिपोर्ट नहीं मिली
मामला संज्ञान में आया है। अस्पताल के लिए नोटिस चला गया है। इस पर कार्रवाई होगी। जोनल अधिकारी का कहना है कि इनका नक्शा कई वर्षों पहले पास हो चुका है, फिर भी जांच कराई जाएगी। थापर नगर के निर्माण पर रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। -प्रवीणा अग्रवाल, एमडीए सचिव
फ्लैट नहीं, आवास बना रहे
चार मंजिला भवन बनाया जा रहा है। ये फ्लैट नहीं है, अपना आवास बना रहे हैं। वहीं, इस आवास के मानचित्र के लिए एमडीए में कंपाउंडिंग की हुई है। इस संबंध में एमडीए उपाध्यक्ष को भी बता रखा है - अर्पित गुप्ता, थापरनगर