मेरठ। स्टांप घोटाले के मामले में व्यापारियों ने शुक्रवार को पुलिस लाइन में पहुंचकर एसपी क्राइम से मुलाकात की। क्राइम ब्रांच टीम ने तहरीर ली और फिर पीड़ित व्यापारियों के बयान दर्ज किए। मुख्य आरोपी विशाल वर्मा के साथ युवती और तत्कालीन उपनिबंधक के फोटो भी व्यापारियों ने क्राइम ब्रांच को सौंपे।
फर्जी स्टांप की बिक्री करने वाले विशाल वर्मा के खिलाफ व्यापारियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। एसएसपी से मुलाकात के बाद शुक्रवार को पीड़ित व्यापारी पुलिस लाइन में एसपी क्राइम से मिले। व्यापारियों ने कहा कि 997 रजिस्ट्री में फर्जी स्टांप लगे हैं। प्रशासन रोजाना रिकवरी के लिए लोगों को नोटिस भेज रहे हैं, जिसको लेकर लोग नाराज हैं। आरोपी विशाल के कारनामे की जानकारी देने के बाद व्यापारियों ने एसपी क्राइम को आठ तहरीर दी।
एसपी क्राइम के साथ सीओ क्राइम और इंस्पेक्टर क्राइम मौजूद थे। क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह ने व्यापारियों के बयान दर्ज किए। व्यापारियों ने मुख्य आरोपी विशाल वर्मा के कई फोटो क्राइम ब्रांच को सौंप दिए हैं और रजिस्ट्री विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से स्टांप घोटाला करने का आरोप लगाया है। मेरठ व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष जीतू नागपाल व महानगर अध्यक्ष शैंकी वर्मा ने बताया कि आरोपी विशाल वर्मा ने फर्जी स्टांप की बिक्री करके करोड़ों रुपए अर्जित किया है। जिससे आरोपी ने हस्तिनापुर में फॉर्म हाउस, देहरादून सहित कई जगह पर जमीन खरीद रखी है। उसकी संपत्ति जब्त की जाए। एसपी क्राइम अवनीश कुमार ने बताया कि आरोपी की तलाश में पुलिस लगी है। जल्द उसको गिरफ्तार कर स्टांप घोटाले के नेटवर्क का पर्दाफाश करेंगे।
मुख्यमंत्री से करेंगे मुलाकात
मेरठ व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष का कहना कि दो-तीन दिन में विशाल वर्मा की गिरफ्तारी नहीं हुई तो मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे। स्टांप घोटाले में मेरठ, गाजियाबाद की कोषागार की भूमिका मिल रही और उनको अभी तक पुलिस द्वारा नोटिस नहीं दिया गया। पुलिस-प्रशासन की ढीली कार्रवाई की शिकायत मुख्यमंत्री से करेंगे।