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संस्कृति के नाम पर स्कूल के मंच पर करा दिया ‘एडल्ट’ नाटक

Tue, 31 Oct 2017 12:04 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
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नाटक ‘दोहरी जिंदगी’ में आपत्तिजनक दृश्य दिखाये
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मेरठ शहर में रंगमंच, कला और संस्कृति का सकारात्मक आगाज करने के नाम पर आपत्तिजनक दृश्य प्रदर्शित किये गये। आयोजकों ने नामी स्कूल को धोखे में रखकर उसके मंच पर रविवार को ये आयोजन किया। नाटक के दौरान दर्शकों से भरे हाल में मंच पर दो महिलाओं के बीच टॉपलेस और लिपलॉक सीन प्रदर्शित किये गये। मंचन को देखकर हाल में बैठे शहर के नामी लोग असहज होते रहे। जब इस तरह का मंचन जारी रहा तो दर्शक बाहर निकलने शुरू हो गये। इस मामले में एसपी सिटी ने सिविल लाइन पुलिस को जांच के आदेश दे दिये हैं।
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नाटक ‘दोहरी जिंदगी’ में आपत्तिजनक दृश्य दिखाये  
समलैंगिक महिलाओं की जिंदगी पर आधारित नाटक ‘दोहरी जिंदगी’ के इस मंचन के लिए कांग्रेस नेता रिकिन अहलूवालिया की पत्नी स्वाति अहलूवालिया ने सेंट थॉमस स्कूल इंग्लिश मीडियम का हॉल लिया था। पद्मश्री विजयदान देहता (राजस्थानी लेखक) का नाटक दोहरी जिंदगी प्रारंभ से ही आलोचना और विवाद में ही रहा है। कथानक दो महिलाओं की जिंदगी पर घूमता है। जो एक दूसरे से प्रेम करती हैं। सांस्कृतिक मील का पत्थर नाम देकर इस इस नाटिका का मंचन हुआ। नाटक में कई वरिष्ठ चिकित्सक व उद्यमी भी उपस्थित थे। आपत्तिजनक दृश्यों को देखकर दर्शक असहज हो गये और बाहर निकलने लगे। कुछ दर्शकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हमें नाटक की थीम नहीं बताई गई थी। केवल आमंत्रण था।

पुलिस को जांच के आदेश

एसपी सिटी मानसिंह चौहान
एसपी सिटी मानसिंह चौहान ने बताया कि मेरे संज्ञान में यह मामला नहीं है। कार्यक्रम में महिला कलाकारों को टॉपलेस किया जाना गंभीर मामला है। कार्यक्रम के आयोजन के लिए कोई सूचना दी या नहीं इसकी जांच कराई जा रही है। इंस्पेक्टर सिविल लाइन को जांच के निर्देश दिए हैं। आरोपियों पर कार्रवाई होगी। 

अब नहीं मिलेगा सेंट थॉमस स्कूल का हॉल
स्कूल की प्रिंसिपल ए.डीन ने कहा कि स्कूल को बदनाम करने की साजिश के तहत यह आयोजन हुआ है। आगे ऐसा रिस्क हम नहीं ले सकते। मिशनरी स्कूल के परिसर में इस तरह की प्रस्तुति न कभी हुई है और न होने देंगे। हम स्कूल चलाते हैं जो सरस्वती का मंदिर है, छात्र विद्या ग्रहण करते हैं। हॉल विश्वास पर दिया था। हमे यह अंदाजा नहीं था कि इस तरह की प्रस्तुति दी जाएगी। अब स्कूल का हॉल किसी भी आयोजन के लिए नहीं दिया जाएगा। ऐसा नाटक रंगकर्म के नाम पर होना बहुत शर्मनाक और असहनीय है। हम आयोजकों से इस बाबत पूछेंगे कि धोखे में क्यों रखा।
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दिल्ली में देखा था नाटक

मंच पर करा दिया ‘एडल्ट’ मंचन
आयोजक स्वाति अहलूवालिया ने बताया कि दिल्ली में यह नाटक देखा था। मुझे इतना पसंद आया कि इसे मेरठ में कराने की योजना बनाई। मेरठ के कई लोग जो कला से जुड़े हैं या जुड़े रहे हैं उनसे मिलकर यह आयोजन किया। मेरठ में किस्म किस्म के नाटक होने चाहिए। हर किसी को पसंद आए ऐसा शो होना जरूरी तो नहीं। 

पहले ही बता दिया था
आयोजक रिकिन अहलूवालिया ने कहा कि हर फिल्म व कहानी पर लोगों की अपनी राय होती है। हमने पहले ही टिकट में बताया था कि नाटक में 16 साल से कम आयु के लोग न आएं। नाटक एडल्ट के लिए है यह भी बताया था।

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