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राशन वितरण में शुरू हो गया खेल, विभाग सोया

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राशन वितरण में शुरू हो गया खेल, विभाग सोया
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मेरठ। सरकारी राशन की कालाबाजारी, घटतौली और जनता के राशन को हड़पने के आरोप में जहां आपूर्ति विभाग के अधिकारियों की जांच चल रही है। वहीं काफी राशन डीलरों के खिलाफ पूर्व में एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। उसके बाद भी राशन डीलर जनता के राशन पर डाका डालना बंद नहीं कर रहे हैं। अब कुछ राशन डीलरों ने राशन के चावल वितरण में हेराफेरी शुरू की है। जनता शिकायत कर रही है, लेकिन आपूर्ति विभाग के अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं। साफ जाहिर है कि सरकारी राशन का खेल अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा है।
खाद्य सुरक्षा अधिकार अधिनियम के तहत राशन वितरण में सुधार की संभावनाएं जताई गई। सरकार ने पात्र परिवार तक राशन पहुंचाने के लिए मशीनों से राशन वितरण शुरू किया। जिसको राशन माफियों की नजर लग गई। पूर्व में आधार कार्ड तक में फर्जीवाड़ा कर दिया गया। उसकी एसआईटी जांच चल रही है। इसी बीच राशन डीलरों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई गई थी। जिसके बाद आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने कुछ राशन डीलरों को मालामाल करने के लिए एक-एक दुकानदार को तीन-चार दुकानें दे दी। राशन वितरण की निगरानी करना विभाग के अधिकारी भूल गए। राशन वितरण में हुए गोलमाल के चलते दो आपूर्ति अधिकारी हटा दिए गए।
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अब फिर से राशन डीलरों ने राशन के चावल पर डाका डालने का नया तरीका खोज लिया है। एक यूनिट पर दो किलो चावल देने की बजाय एक किलो चावल दिया जा रहा है। जैनिस पैलेस के निकट एक राशन डीलर की शिकायत जनता ने जिला पूर्ति विभाग के अधिकारियों से की है। कार्ड धारकों का आरोप है कि राशन डीलर ने दो दिन पहले मशीनों पर अंगूठा लगवाकर हाथ से लिखी एक पर्ची थमा दी थी। शनिवार को सभी लोगों को चावल लेने के लिए बुलाया था।
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सौंपी गई है जांच
जिलापूर्ति अधिकारी नीरज कुमार का कहना है कि शिकायत के अनुसार एआरओ किशोर कुमार को जांच सौंपी गई है। रिपोर्ट आने के बाद राशन डीलर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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