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अध्यात्म मानव जीवन विकास के लिए अहम

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मेरठ। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय में आध्यात्मिकता एवं मानसिक स्वास्थ्य विषय पर भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद द्वारा प्रायोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी हुई। इसका शुभारंभ मुख्य अतिथि अंतर्राष्ट्रीय बुद्धिस्ट महासंघ के महासचिव डॉ. धम्मापिया, मुख्य वक्ता भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद के पूर्व चेयरमैन डॉ. एसआर भट्ट, विशिष्ट अतिथि पद्मश्री प्रतिभा प्रह्लाद, सेंटर ऑफ इंडोलॉजी की डीन डॉ. शशिबाला, प्रेरक वक्ता वंदना नागपाल, इंडसइंड बैंक के उपाध्यक्ष रितुराज श्रीवास्तव, सुभारती विवि की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. शल्या राज एवं सुभारती ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. हिरोहितो ने संयुक्त रूप से गौतम बुद्ध की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलन करके किया। बौद्ध विद्वान डॉ. चंद्रकीर्ति भंते के नेतृत्व में बौद्ध भिक्षुओं ने मंगलाचरण वंदना प्रस्तुत की। संगोष्ठी की संयोजिका डॉ. ज्योति गौड़ ने विषय के बारे में रबरू कराया।
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सुभारती विवि की संस्थापिका डॉ. मुक्ति भटनागर ने कहा कि भाग दौड़ भरी जिंदगी में ठहराव एवं सुख पाने के लिए अध्यात्म का होना अहम है। इससे हमारा मानसिक स्वास्थ्य भी दुरुस्त रहता है। साथ ही जीवन में विकास एवं सफलता प्राप्त होती है। कुलपति डॉ. एनके आहुजा ने अध्यात्म को मानव जीवन के लिए ऑक्सीजन बताया। कहा कि अध्यात्म से शरीर में संयम पैदा होता और मस्तिष्क की वैचारिक क्षमता का विकास होता है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. शल्या राज ने कहा कि अध्यात्म मानव जीवन के विकास में अहम भूमिका निभाता है। यहां भीकाजी कामा सुभारती होटल मैनेजमेंट कॉलेज के प्राचार्य डॉ. शिवमोहन वर्मा द्वारा लिखित पुस्तक होटल हाउस कीपिंग के मूल सिद्धांत का विमोचन किया गया।
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