सब कुछ ठीक रहा तो मेरठ से दिल्ली रेलवे ट्रैक पर ट्रेनें 120 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ती नजर आएंगी। जीएम उत्तर रेलवे के निरीक्षण में ट्रैक पास हो गया है। खुद जीएम ने सेक्शन की तारीफ की है। वापसी में जीएम स्पेशल मेरठ से गाजियाबाद तक 120 किमी प्रतिघंटे की स्पीड से गई।
मेरठ से दिल्ली सेक्शन पर अभी करीब 90 किलोमीटर प्रतिघंटे की औसत गति से ट्रेनें चलती हैं। पैसेंजर ट्रेनों की गति तो औसतन 60 किलोमीटर तक ही है। रेलवे ने न सिर्फ मौजूदा ट्रैक का मेंटेनेंस किया है, बल्कि सेक्शन का विद्युतीकरण भी किया जा चुका है। बृहस्पतिवार को जीएम स्पेशल से गाजियाबाद-टपरी रेल सेक्शन का निरीक्षण करने निकले जीएम उत्तर रेलवे एक पूठिया ने सिटी स्टेशन पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्होंने सेक्शन के दोहरीकरण और अंडर पास से लेकर पुलिया आदि के कार्य देखे हैं। सभी कार्य बेहतर हुए हैं। ट्रैक पर जर्क भी न के बराबर है। भविष्य में यह दिल्ली रेल मंडल के महत्वपूर्ण ट्रैक में शामिल होगा। सेक्शन के स्टेशनों पर भी सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। वापसी में उन्होंने मेरठ से गाजियाबाद तक जीएम स्पेशल को 120 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से चलवाया, ताकि ट्रैक की तेज गति क्षमता आंकी जा सके। जीएम के निरीक्षण में ट्रैक पास हो गया। जीएम एके पूठिया ने बताया कि आने वाले समय में ट्रैक पर चलने वाली ट्रेनों की गति बढ़ाई जाएगी। इससे यात्री अपने गंतव्य तक जल्दी पहुंच सकेंगे।
तेजी से चल रहा ट्रैक दोहरीकरण
मेरठ से टपरी तक बनाए जा रहे नए ट्रैक पर ट्रेनों के संचालन के सवाल पर जीएम ने कहा कि दोहरीकरण का काम तेजी से चल रहा है। 20 जनवरी 2017 तक मेरठ से खतौली और 2018 तक मुजफ्फरनगर से टपरी रेलवे स्टेशन तक नए ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा।