मेरठ। हरिद्वार एवं कोटद्वार राजमार्ग से अभी तक ब्रेकर नहीं हटाए गए हैं। पीडब्लूडी अधिकारियों द्वारा कैंट बोर्ड को पत्र लिखे जाने के बाद भी असर नहीं पड़ा है। ऐसे में लगता है कि विभाग सिर्फ पत्राचार का खेल ही खेल रहे हैं। ये हाल तब है जब नियमानुसार राष्ट्रीय राजमार्ग पर ब्रेकर नहीं बनाए जा सकते हैं।
दिल्ली-हरिद्वार एवं कोटद्वार राजमार्ग पर कैंट बोर्ड वाहन प्रवेश शुल्क वसूली करा रहा है। पीडब्ल्यूडी ने एक साल बाद इसे अवैध बताया है। ऐसे में सात दिसंबर से यहां पर वसूली बंद करने के लिए कहा है। वहीं, पीडब्लूडी के अधिशासी अभियंता ने कैंट बोर्ड के सीईओ को पत्र लिखकर कहा कि ठेकेदार ने अवैध तरीके से स्पीड ब्रेकर बना दिए हैं। मनमानी कर डिवाइडर का चौड़ीकरण करके एंट्री बूथ बना लिये हैं। जिससे कभी भी हादसा हो सकता है। पीडब्ल्यूडी अफसर खुद मान रहे हैं कि स्पीड ब्रेकर की शिकायत लगातार आईजीआरएस पोर्टल पर की जा रही है। इसके बावजूद बृहस्पतिवार को ब्रेकर नहीं हटाए गए हैं। इसके अतिरिक्त यदि कहीं पर वसूली की जाती है तो वहां सुविधाएं भी दी जाती हैं। ऐसा कैंट क्षेत्र के किसी भी वसूली प्वाइंट पर नहीं है। इस बाबत पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता का कहना है कि स्पीड ब्रेकर हटाने को लेकर वे कैंट बोर्ड को रिमाइंडर भेजेंगे। यदि वे कुछ नहीं करेंगे तो पीडब्लूडी विभाग उन्हें हटा देगा।