सपा नेता अतुल प्रधान के नेतृत्व में सपा कार्यकर्ता छह गोवंश को मेरठ कलक्ट्रेट पर बांधने ले जा रहे थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोककर गोवंश पुलिस लाइन में बंधवा दिए। इस दौरान पुलिस और सपाइयों में तीखी नोकझोंक हुई। यही नहीं विरोध प्रदर्शन के दौरान सपा नेता आदिल सिद्दीकी और अन्य सपाई गोवंश को जबरन खींचकर ले जाते नजर आए। पुलिस ने जैसे-तैसे उन लोगों से गोवंश को छुड़वाया। इतना ही नहीं, सपाइयों ने मुख्यमंत्री को लेकर अभद्र बयानबाजी भी की।
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up police
सपाइयों ने हंगामा किया। दोबारा गोवंश लाकर उसे कलक्ट्रेट ले जाने लगे, लेकिन पुलिस ने उसे भी रोक लिया। पुलिस ने मौके पर ही सपाइयों से राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन ले लिया। इस दौरान कमिश्नरी चौराहे का खासा फोर्स तैनात रहा।
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सपा कार्यकर्ता
सपा नेता शहर और गांव में घूमने वाले आवारा पशुओं को लेकर विरोध कर रहे हैं। सपा नेताओं ने आवारा पशुओं को न पकड़े जाने पर जनवरी माह के पहले सप्ताह में जिले के सभी सरकारी स्कूलों और कार्यालयों में आवारा पशुओं को बांध देने की चेतावनी दी थी।
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सपा
बुधवार को सपा नेता अतुल प्रधान के साथ कई कार्यकर्ता सड़क पर घूम रहे गोवंश लेकर कलक्ट्रेट जा रहे थे। एसपी सिटी रणविजय सिंह कई थानों के फोर्स के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे और सपा नेताओं की घेराबंदी शुरू कर दी।
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सपा कार्यकर्ता
सपाइयों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। अतुल प्रधान का कहना था कि प्रदेशभर में आवारा पशुओं की बढ़ती जा रही है। गांवों में ये किसानों की फसल को तबाह कर रहे हैं तो शहरों में इन्होंने सड़क पर लोगों का निकलना मुश्किल कर दिया है।
इस दौरान सपाइयों ने आवारा पशुओं को रोकने के लिए उचित उपाय करने, गन्ना भुगतान कराने, बिजली के बढ़े बिलों पर रोक, ओडीएफ घोटाले की सीबीआई जांच और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराए जाने की मांग की।