सपा में ही पिछड़ी जातियों का उत्थान संभव : घूरा राम
मेरठ। ‘हम सदियों से हर समाज का कचरा साफ करते आए हैं। वाल्मीकि और अनुसूचित समाज को सम्मान देने का कार्य पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सरकार ने किया। सपा में ही पिछड़ी जातियों का उत्थान संभव है।’ यह कहना था उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री घूरा राम का। रविवार को जेल रोड स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया पार्क में हुए पिछड़ी जातियों के सम्मेलन में वह मुख्य अतिथि थे।
शहर विधायक रफीक अंसारी ने कहा कि पिछड़ी जातियों को सबसे बड़ा धोखा मौजूदा सरकार ने दिया है। महर्षि वाल्मीकि जयंती की छुट्टी समाप्त कर वाल्मीकि समाज को अपमानित किया है। निवर्तमान जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह ने कहा कि वाल्मीकि और अनुसूचित जाति की एकमात्र हितैषी समाजवादी पार्टी और उसके मुखिया अखिलेश यादव हैं। सम्मेलन के संयोजक विपिन मनोठिया ने वाल्मीकि समाज का आरक्षण (कोटा) अलग करने और स्थायी नियुक्ति की मांग की। इसके अलावा सफाई कर्मचारियों का शोषण बंद करने और नगर निगम में सफाई कर्मचारी के पीएफ घोटाले की जांच की मांग की। कहा कि आयुष्मान योजना में भी वाल्मीकि समाज उपेक्षित है।
सम्मेलन की अध्यक्षता कुंवर बैचेन और संचालन संजीव यादव ने किया। पूर्व विधायक प्रभुदयाल वाल्मीकि, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान, आदिल चौधरी, सुधाकर कश्यप, अनीता मिलन और सैयद रिहानुद्दीन आदि रहे। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शहर विधायक रफीक अंसारी को मोबाइल पर सम्मेलन की सफलता के लिए बधाई दी।
अनुसूचित जाति के दिल में उतरने की कोशिश में सपाई
मेरठ। समाजवादी पार्टी अनुसूचित जाति के दिल में उतरने की कोशिश कर रही है। सपाइयों ने 6 दिसंबर को पहली बार संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस मनाया था। इससे पहले 17 पिछड़ी जातियों का सम्मेलन किया था। इसके जरिए बहुजन समाज पार्टी के परंपरागत वोट बैंक कहे जाने वाले इन वोटों पर भी सपा की नजर है। दरअसल, समाजवादी पार्टी चाहती है कि लोकसभा चुनाव में बसपा से गठबंधन के रहते साइकिल पर अनुसूचित जाति के लोगों ने भी वोट डाले थे। आने वाले चुनावों में उनके इस साथ को बरकरार रखने के लिए यह तैयारी है।