सपा में आए सियासी भूचाल से पश्चिम के नेता भी असमंजस की स्थिति में आ गए। दरअसल कई नेता शिवपाल खेमे के हैं तो युवा नेताओं में अखिलेश की अच्छी छाप है। पार्टी के पुराने नेता और संगठन के कई पदाधिकारियों को मंगलवार के घटनाक्रम से चिंता सताने लगी है। हालांकि कोई नेता इस संकट पर बोलना भी नहीं चाहता और न ही अभी किसी गुट में खुलकर दिखना चाहता है।
मंगलवार शाम जब शिवपाल यादव के सपा प्रदेश अध्यक्ष बनने की बात सामने आई तो लगा कि शिवपाल खेमे के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। बधाइयों का दौर चला ही था कि अचानक शिवपाल यादव से मंत्रालय छीने की खबर सामने आ गई। इसी के साथ स्थानीय सपाइयों ने लखनऊ फोन लगाने आरंभ कर दिए।
अलग-अलग कयास लगाए जाने लगे। यह भी अंदाजा लगाया जाने लगा कि कौन किस गुट में है। यह भी कयास लगाया गया कि या तो पार्टी अभी चुनाव कराएगी या फिर मुलायम सिंह यादव भी मुख्यमंत्री बन सकते हैं। इस तरह के कयास कार्यकर्ता देर रात तक लगाते रहे।
आम कार्यकर्ताओं के सवालों से बचने के लिए पार्टी के पदाधिकारियों में से अधिकांश ने फोन उठाने बंद कर दिए। पार्टी के कार्यकर्ताओं ने दबी जुबान में माना कि इससे पार्टी को नुकसान हो रहा है। वहीं, कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर का कहना है कि पार्टी में सब कुछ ठीक है और अगली सरकार सपा की ही बनेगी। छात्रसभा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अतुल प्रधान ने कहा कि प्रदेश में सपा की लहर है। विरोधी बेवजह पार्टी के मामलों को तूल दे रहे हैं।
सपा व्यापार सभा ने खुशी मनाई
मेरठ। शिवपाल यादव को समाजवादी पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर सपा व्यापार सभा के राष्ट्रीय सचिव पिंटू राणा के नेतृत्व में बेगमपुल पर ढोल बजाकर आतिशबाजी की गई। मिठाई बांटकर खुशी मनाई गई। पिंटू राणा ने कहा कि शिवपाल यादव जमीन से जुड़े कार्यकर्ताओं की भावनाओं को समझते हैं। इस मौके पर नरेश चौधरी, प्रदीप सिंह, प्रदीप गर्ग, अजय शर्मा, अभिनव जैन, सरदार चरण सिंह, सलाउद्दीन, अंकित पंवार, जावेद सिद्दीकी, हरीश चौधरी, प्रवीन सिंघल, संजय चौहान मौजूद रहे।