बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म के मामले को सांप्रदायिक तूल देने की भी कोशिश की गई। वहीं, भाजपा विधायक और हिंदू संगठनों के नेताओं को एसपी सिटी ने खुद जिला अस्पताल ले जाकर बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराने वाले डॉक्टरों से बात कराई। जिसके बाद थाने पहुंचकर भीड़ को शांत किया गया।
बुधवार शाम किसी ने शोर मचा दिया कि दुष्कर्म का आरोपी छात्र दूसरे समुदाय का है। इसके बाद ही बखेड़ा होना शुरू हुआ। भाजपा विधायक के अलावा भाजपाई और हिंदू संगठनों के नेता भी मौके पर पहुंच गए। जगह-जगह बवाल होने लगा। मामला तूल न पकड़ ले इसलिए पुलिस पीड़ित छात्रा और उनके कुछ परिजनों को महिला थाने ले गई। इसके बाद एसपी सिटी खुद विधायक और हिंदू संगठनों के नेताओं को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। वहां बच्ची का मेडिकल परीक्षण करने वाले चिकित्सक से बात कराई। बकौल एसपी सिटी परीक्षण में बच्ची से दुष्कर्म होने की पुष्टि नहीं हुई। एसपी सिटी ने नेताओं से कहा कि वह बेवजह बवाल कर रहे लोगों के बीच जाकर उन्हें समझाएं। पुलिस बच्ची के परिजनों को भी संतुष्ट करने में लगी थी।
हम भी जिम्मेदार लोग हैं एसपी साहब
मेरठ। एसपी सिटी जब महिला थाने से नौचंदी थाने पहुंचे तो वहां मौजूद भाजपा विधायक और अन्य नेताओं से कहा कि अभी दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है और आप यहां भीड़ जमा किए हैं। बेवजह शहर में जगह-जगह जाम लग रहे हैं। तीन जगह तो वह खुद जाम खुलवाकर आ रहे हैं। इस पर विधायक सोमेंद्र तोमर एसपी सिटी से बोले कि जिस तरह आप जिम्मेदार अधिकारी है, उसी तरह वह भी जनता के प्रति जिम्मेदार हैं।