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सोनू की हत्या के आरोपी ने पुलिस हिरासत से भागने का किया प्रयास, मुठभेड़ में गोली लगी

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सोनू की हत्या के आरोपी ने पुलिस हिरासत से भागने का किया प्रयास, मुठभेड़ में गोली लगी
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जानीखुर्द। गांव नेक निवासी आशीष उर्फ सोनू की मौत के मामले में गिरफ्तार आरोपी मीनू ने मंगलवार रात पुलिस हिरासत से एक सिपाही की पिस्टल छीन कर भागने का प्रयास किया। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद आरोपी मीनू को गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ में मीनू के पैर में गोली लगी है।
गांव नेक निवासी आशीष उर्फ सोनू पुत्र धर्मेंद्र की गांव टिमकिया निवासी मीनू उर्फ नवनीत पुत्र नानकचंद्र से मारपीट हो गई थी। इस घटना में सोनू गंभीर रूप से घायल हो गया था। सोनू की पुलिस हिरासत में हालत खराब होने पर मौत हो गई थी। परिजनों के हंगामे के बाद पुलिस ने घटना की रिपोर्ट मीनू और अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ दर्ज की थी। पुलिस ने आरोपी मीनू को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया था।
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जानी थाना प्रभारी संजय वर्मा के अनुसार, मीनू को पुलिस देर रात डॉक्टरी करवाने के लिए पुलिस जीप से पांचली अस्पताल ले जा रही थी। इस दौरान मीनू ने एक सिपाही की पिस्टल छीनकर भागने का प्रयास किया। पुलिस ने उसे पकड़ने का प्रयास किया तो उसने गोली चलाई। पुलिस ने उसे मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान पुलिस की गोली पैर में लगने से मीनू घायल हो गया। पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती करवाया। बुधवार को पुलिस ने उपचार के बाद जेल भेज दिया।
पुलिस रिकार्ड में मीनू उर्फ नवनीत जानी थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उस पर अलग-अलग थानों में हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, मारपीट, गैंगस्टर आदि के 18 मुकदमे दर्ज हैं।
बुधवार को किया अंतिम संस्कार
आशीष का शव पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार देर रात गांव नेक पहुंचा। बुधवार को सोनू के शव का अंतिम संस्कार गांव के श्मशान घाट में किया गया। सोनू के अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। वहीं, ग्रामीणों ने सोनू की मौत के लिए पुलिस को जिम्मेदार बताते हुए रोष प्रकट किया।
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पुलिस की लापरवाही से हुई मौत
रालोद नेता राजकुमार सांगवान बुधवार को मृतक के घर शोक संवेदना प्रकट करने पहुंचे तथा पीड़ित परिजनों से घटना की जानकारी ली। सांगवान ने कहा कि सोनू की मौत पुलिस की लापरवाही की वजह से हुई है। रालोद घटना की जांच करवाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर पुलिस के उच्चाधिकारियों से मिलेगा।
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