फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सफलता पचाने का गुर सचिन से सीख गए भुवी, ये रही कुछ खास बातें

Wed, 15 Nov 2017 01:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ वाहिद अली, मेरठ
विज्ञापन
भुवनेश्वर कुमार
विज्ञापन
मेरठ। आधुनिकता के इस दौर में युवाओं के लिए जिंदगी में सफलता हासिल करना एक बड़ी चुनौती है। वहीं दूसरी ओर सफलता पाने के बाद उसे पचाना भी किसी कला से कम नहीं है। गंगानगर निवासी भुवनेश्वर कुमार भामाशाह स्टेडियम में पसीना बहाकर आज क्रिकेट जगह की सुर्खियों में हैं। लेकिन सफलता के इस पड़ाव पर पहुंचने के बाद भी भुवनेश्वर अपने दोस्तों और आस पड़ोस के लोगों से बड़ी सादगी से मिलते हैं। उन्हें स्टारडम छू कर भी नहीं गुजरा। आज भी वह अपने पुराने कोच के पास आकर प्रेक्टिस करते हैं।
विज्ञापन


भुवनेश्वर के कोच संजय रस्तोगी बताते हैं कि भुवी ने सफलता पचाने का यह गुर सचिन तेंदुलकर से सीखा है। सचिन तेंदुलकर खेल के जिस शिखर पर पहुंचे, वहां किसी भी खिलाड़ी के जीवनशैली और स्वभाव में बदलाव संभव है। लेकिन तेंदुलकर के खेल के साथ उनकी पहचान एक अच्छे स्वभाव वाले खिलाड़ी के तौर पर होती है। टीम इंडिया का हर खिलाड़ी तेंदुलकर से शोहरत पचाने के गुर सीखना चाहता है। 

दोस्त गौरव गोयल और परमिंदर सिंह ने बताया कि भुवनेश्वर भी तेंदुलकर के पद चिन्हों पर चल निकले हैं। भुवी के घर आते ही आसपास के लोग उनसे मिलने को बेताब रहते हैं, तो भुवी भी किसी का दिल नहीं तोड़ते। वो खुले दिल से प्रशंसकों से मिलते ही नहीं, बल्कि साथ फोटो भीखिंचवाते हैं। वह जब भी घर आते हैं पुराने दोस्तों संग बाहर घूमने निकल जाते हैं। यह सादगी ही भुवी को तेंदुलकर जैसे महान खिलाड़ी की श्रेणी में खड़ा कर देती है।
विज्ञापन


पढ़ें : भुवनेश्वर की शादी में होंगे ये खास कार्यक्रम, जानने के लिए पढ़ें
विज्ञापन

23 को है भुवी की शादी

भुवनेश्वर कुमार और नूपुर नागर
23 नवंबर को भुवनेश्वर की शादी होने जा रही है। शादी के बड़े कार्यक्रम में भुवी और उनका परिवार अपने खास लोगों को नहीं भूला है। पैतृक गांव लुहारली से मेरठ और मेरठ से दिल्ली तक शादी के तीन रिसेप्शन रखे गये हैं। गांव के लोगों से लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर के प्रभावशाली लोगों को शादी में न्यौता दिया गया है। इससे यही साबित होता है कि भुवी और पिता किरनपाल सिंह आज भी जमीन से जुड़े हैं। पिता किरनपाल ने अपने चार भाइयों सहित गांव के लोगों को शादी का न्योता भेजा है। 

आज भी साथ कोच संजय
भुवनेश्वर मेरठ पहुंचकर भामाशाह स्टेडियम में अभ्यास करते हैं। अभ्यास के समय उनके कोच संजय रस्तोगी भी उनके साथ रहते हैं। भुवी का यह अंदाज सभी को भाता है। अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी होने के बावजूद भुवनेश्वर अपने कोच और स्टेडियम को नहीं भूले हैं। भुवनेश्वर का यहीं अंदाज सचिन तेंदुलकर के खेल के समय की यादें ताजा कर देता है।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें