सूबे के सीएम पद पर जहां योगी आदित्य नाथ की ताजपोशी भाजपा का एजेंडा साफ कर रही है, तो वहीं इसी ट्रैक पर जाते हुए पार्टी कई फायरब्रांड नेताओं को मंत्रालय में जगह दे सकती है। संगीत सोम, सुरेश राणा आदि को पार्टी नेतृत्व अहम जिम्मेदारी देने की चर्चा चलती रही। वैसे भी पार्टी अपनी पूरी नीति को 2019 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए तय कर रही है। ऐसे में चर्चा रही कि यह जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं।
नई सरकार का गठन हो रहा है। ऐसे में भाजपा ने अपना एजेंडा पूरी तरह से साफ करते हुए योगी आदित्य नाथ को सूबे की कमान दी है। यानी पार्टी अपनी हिंदुत्व की विचारधारा पर कायम रहेगी। साथ ही ऐसे नेताओं को भी आगे करने की मंशा साफ कर दी गई है, जो फायर ब्रांड हैं। वेस्ट यूपी में ऐसे कई नाम हैं जिनका पार्टी में अहम रोल है। पार्टी नीति के हिसाब से ही उनकी अलग पहचान है। ऐसे में भाजपा थिंक टैंक इन नेताओं को भी अहम जिम्मेदारी दे सकता है। जैसे ही शनिवार को सूबे के सीएम की घोषणा की गई तो वेस्ट यूपी से संगीत सोम, सुरेश राणा, वीरेंद्र सिंह सिरोही, धर्मवीर सैनी, अवतार सिंह भड़ाना आदि को भी मंत्रिमंडल के संभावित लोगों में शामिल करने की चर्चा शुरू हो गई।
लोकसभा चुनाव पर भी है निगाह
भाजपा जिस फार्मूले पर विधानसभा चुनाव में हिट साबित हुई है, उसे ही लोकसभा चुनाव 2019 में भी रखना चाहेगी। ऐसे में इस सरकार के गठन में जिम्मेदारियों को उसी तरह से बांटा जाएगा, जिसका असर लोकसभा पर सकारात्मक रूप में जाए। पार्टी का एजेंडा वही रहने वाला है तो इसी हिसाब से पार्टी जिम्मेदारियां भी बांटने जा रही है।
प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में सांसद राजेंद्र अग्रवाल
भाजपा जातिगत समीकरण साधने पर पूरा जोर दे रही है। प्रदेश सरकार के मंत्री मंडल के साथ ही संगठनात्मक ढांचे में भी इसे पूरी तरह रखा जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य के डिप्टी सीएम बनने के बाद अब प्रदेश अध्यक्ष के पद पर नये नेता की ताजपोशी होगी। इसमें मेरठ के सांसद राजेंद्र अग्रवाल का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है।
भाजपा ने तमाम जातियों को लगभग साधने का गणित बैठा दिया है। उप मुख्यमंत्री बनाकर अति पिछड़ा और ब्राह्मण को साधा है तो मंत्री मंडल में भी सभी को साधा जाएगा। लेकिन अपने सबसे बड़े वोट बैंक को विशेष रूप से साधने की कवायद में भाजपा अब प्रदेश अध्यक्ष पद पर किसी वैश्य को बैठाने की कवायद में है। सूत्रों की मानें तो इसमें सबसे ऊपर नाम मेरठ के सांसद राजेंद्र अग्रवाल का नाम है। भाजपा सूत्रों के अनुसार डिप्टी सीएम बनने के बाद केशव प्रसाद मौर्य को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटना होगा। ऐसे में प्रदेश अध्यक्ष के लिए किसी वैश्य का चुनाव भाजपा नेतृत्व करने पर मंथन कर रहा है।