कार्यालय के हेड ने कहा हमारी कोई ड्यूटी नहीं रहती
वीआईपी कार्यक्रम या ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी व चेकिंग प्वाइंट जहां पर लगते हैं, वहां कार्यालय से ड्यूटी लगाई जाती है। हापुड़ रोड का यह जोन ट्रैफिक इंस्पेक्टर अनिल मिश्रा के कार्य क्षेत्र में आता है। ट्रैफिक कार्यालय के हेड एचसीपी पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि 44वीं वाहिनी पीएसी के पास कोई ड्यूटी नहीं थी। हादसे के संबंध में हमें कोई जानकारी है।
एक माह में तीसरी बार लगे आरोप
ट्रैफिक पुलिस पर पिछले 20 दिनों में तीसरी बार आरोप लगे हैं। 20 दिन पहले हापुड़ अड्डे पर सफाई कर्मचारी ने ट्रैफिक पुलिस के सिपाही पर डंडा मारने का आरोप लगाया था। एक सप्ताह पहले जीरो माइल पर बाइक सवार दो युवकों ने ट्रैफिक पुलिस पर हेलमेट के चालान को लेकर मारपीट का आरोप लगाया था, जिसमें दोनों पक्षों में मारपीट होने पर ट्रैफिक सिपाही को चोट लगी थी।
...तो फिर कौन कर रहा था चेकिंग
पास में एक दुकानदार ने नाम नहीं छापने की शर्त पर और अन्य प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रैफिक पुलिसकर्मी चेकिंग कर रही थी। एक गाड़ी ट्रैफिक पुलिस की खड़ी थी। जैसे ही हादसे के बाद भीड़ लगी तो ट्रैफिक पुलिसकर्मी दूर तक नजर नहीं आए। सवाल यह है कि जब एसपी ट्रैफिक कह रहे हैं कि वहां पर हमारी कोई ड्यूटी नहीं थी तो फिर सफेद वर्दी में आखिर कौन चेकिंग कर रहा था।
आरोप गलत हैं
हापुड़ रोड पर हादसे की मुझे कोई जानकारी नहीं है। ट्रैफिक पुलिस पर जो आरोप लगे हैं, वह गलत हैं। मैंने जांच करा ली है पीएसी वाहिनी के पास ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी नहीं थी। - जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, एसपी ट्रैफिक