खगोल वैज्ञानिक के मुताबिक
खगोल वैज्ञानिक के मुताबिक भारत से दिखाई देने वाला अगला बड़ा सूर्य ग्रहण 21 मई 2031 को होगा। जो कि वलयाकार ग्रहण रहेगा। इसके तीन साल बाद 20 मार्च 2034 को पूर्ण सूर्य ग्रहण भारत से दिखेगा।
मंगलवार को पूरे दिन नहीं होगा पूजा पाठ
सूर्यग्रहण और सूतक काल के चलते 25 अक्तूबर को पूजा पाठ नहीं होंगे। मंदिरों के कपाट भी बंद रहेंगे। भारतीय ज्योतिष विज्ञान परिषद के चैप्टर चेयरमैन ज्योतिषाचार्य आचार्य मनीष स्वामी ने बताया कि सूर्य ग्रहण का सूतक 12 घंटे पूर्व से ही आरंभ हो जाता है।
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सूर्य ग्रहण अवधि के दौरान बूढ़े, बच्चे और बीमार ग्रहण से तीन घंटे पहले खाना खा लें। ग्रहण अवधि में मंत्र जाप ध्यान और भगवान का कीर्तन करें। इस समय दान पुण्य करना चाहिए। सूर्य ग्रहण खत्म होने के बाद पूजा स्थल और पूरे घर में गंगाजल छिड़ककर शुद्धि करण करें।
खंडग्रास सूर्य ग्रहण भारत में दिखेगा
आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि भारतीय समय के अनुसार 25 अक्तूबर को ग्रहण का प्रारंभ दोपहर 2:29 पर होगा। ग्रहण का मध्य 4:30 सायं ग्रहण और समाप्ति 6:32 सायं पर अरब सागर में खत्म होगा। ग्रहण शाम 4:30 पर अपने चरम पर रहेगा। ग्रहण की अवधि 4 घंटा 3 मिनट होगी। इस वक्त देश में दिखना शुरू हो जाएगा।