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सभी 30 थानों की एसओजी भंग

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एएसपी और सीओ भी नहीं रखेंगे अपनी टीम
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मेरठ। कुख्यात सरगना शरद गोस्वामी की गिरफ्तारी के बाद मेरठ क्राइम ब्रांच के पूर्व प्रभारी दरोगा जयवीर सिंह (वर्तमान में सहारनपुर में तैनाती) और मेरठ में तैनात सिपाही कामिल और विपिन भाटी पर कुख्यात से नजदीकी रखना सामने आने पर एसएसपी अजय साहनी ने रविवार को सभी थानों के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप को भंग कर दिया है। तीनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई।
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अब जिले में एक ही क्राइम ब्रांच की एसओजी विंग, एक स्वाट और सर्विलांस टीम होगी, जो एसएसपी के अधीन ही काम करेगी। थाना स्तर पर थाना प्रभारियों के चहेते सिपाही एसओजी के नाम पर लूट कर रहे थे और कहीं भी ड्यूटी नहीं कर रहे थे। अब उन सबको वर्दी पहननी पड़ेगी। नौचंदी, सदर बाजार, मेडिकल, परतापुर और कंकरखेड़ा थाने में एसओजी के नाम पर एक दर्जन से अधिक जो सिपाही मौज काट रहे थे, उनके चेहरे रविवार को उतरे हुए दिख रहे थे। इन सिपाहियों के साथ उतने ही मुखबिर इस काम में लगे थे। थाने की हवालात में किसी भी आरोपी को न रख कर थाने के पिछले हिस्से में ऊपर बने कमरे में रखा जाता था। वहीं से सारे लेनदेन होते थे। अधिकांश ऐसे सिपाहियों की शिकायत एसएसपी को मिली थी जो थाना प्रभारियों के साथ उसी थाने में पोस्टिंग कराते थे। साल 2016 में तत्कालीन एसएसपी जे. रविंदर गौड ने भी ऐसे ही 62 सिपाहियों को लाइन हाजिर किया था।
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