टोकन से सुधरी राशन की दुकानों पर सोशल डिस्टेंसिंग
मेरठ। सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर शुक्रवार सुबह से ही राशन वितरण शुरू हो गया। अंत्योदय राशन कार्ड धारक, श्रम विभाग में रजिस्टर्ड श्रमिक एवं मनरेगा जॉब कार्ड धारकों को निशुल्क 35 किलो गेहूं व चावल दिए गए। वहीं, अन्य कार्ड धारकों को प्रति यूनिट तीन किलो गेहूं व दो किलो चावल निर्धारित रेट पर दिया गया। इस बार जिला प्रशासन ने दुकानों पर सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का अनुपालन कराने के लिए टोकन व्यवस्था शुरू कराई थी।
महानगर एवं देहात में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर दिन निकलते ही राशन कार्ड धारकों की कतार लग गई। यहां सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का अनुपालन किया गया। सुबह छह बजे सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानें खुलनी शुरू हो गईं। हालांकि दुकानें खुलने से पहले ही कार्ड धारकों की कतार लग गई थीं। अधिकतर दुकानों पर 100 से डेढ़ सौ कार्ड धारकों को राशन दिया गया। सोशल डिस्टेंस बनाने के लिए जिला प्रशासन ने राशन कार्ड धारकों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि एजेंसी संचालक उचित स्थान और अपनी व्यवस्था अनुरूप ही कार्ड धारकों को राशन लेने के लिए बुलाएं। इसके लिए सभी को पहले से टोकन जारी किए जाएं। इस व्यवस्था को सभी राशन कार्ड धारकों ने लागू किया तो एजेंसियों पर व्यवस्था बदली नजर आई। शहर की दुकानों पर दोपहर तक जारी टोकन के मुताबिक कार्ड धारकों ने राशन लिया। दोपहर के बाद अधिकतर दुकानों पर बहुत कम संख्या में उपभोक्ता नजर आए।
अमर उजाला ने एजेंसियों पर राशन वितरण व्यवस्था और सोशल डिस्टेंसिंग का जायजा लिया। फूलबाग कॉलोनी, जागृति विहार, शास्त्रीनगर, पांडव नगर, ब्रह्मपुरी, जाकिर कॉलोनी, शिवाजी रोड घंटाघर, बुढ़ाना गेट, कंकरखेड़ा, गंगानगर, परतापुर आदि इलाकों में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर व्यवस्था काफी बेहतर मिलीं।
श्रमिकों को राशन देने में लापरवाही
सरकार ने श्रम विभाग में रजिस्टर्ड श्रमिक और मनरेगा जॉब कार्ड धारक तथा नगर निगम में रजिस्टर्ड मजदूरों को निशुल्क राशन उपलब्ध कराने की योजना संचालित की हुई है। इसमें प्रशासन ने शर्त लगाई कि इस श्रेणी में आने वाले सभी परिवारों के पास विभागीय कार्ड और राशन कार्ड होना अनिवार्य है। काफी श्रमिकों के पास श्रम विभाग मनरेगा जॉब कार्ड और नगर निगम में रजिस्टर्ड कार्ड होने के साथ-साथ राशन कार्ड भी हैं। वहीं, महानगर में काफी दुकानदार ऐसे हैं जो उनसे श्रमिक कार्ड के आधार पर अंगूठा तो लगवा रहे हैं परंतु राशन की कीमत वसूल रहे हैं। शुक्रवार को ऐसा ही मामला ब्रह्मपुरी स्थित मानसा शर्मा की राशन एजेंसी का सामने आया। यहां श्रम विभाग में रजिस्टर्ड एक महिला ने आरोप लगाया कि दुकानदार ने मशीन में अंगूठा तो लगवा लिया परंतु राशन देने के बदले 34 रुपये वसूले। इसी प्रकार अन्य कुछ राशन एजेंसियों से भी ऐसी शिकायतें आ रही हैं।
जिला आपूर्ति अधिकारी नीरज सिंह का कहना है कि टोकन जारी होने से राशन एजेंसियों पर कहीं भीड़ नहीं मिली। सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन हुआ। दोपहर के बाद दुकानों पर दो-चार लोग ही राशन लेने पहुंचे। एक-दो दुकानों से जो शिकायतें आई हैं उनकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। जनता से भी आह्वान कि यदि डीलर उनसे नाइंसाफी कर रहा है तो उसकी शिकायत विभाग में कर सकते हैं।