स्वतंत्रता दिवस पर मदरसों में राष्ट्रीय ध्वज फहराने और उसकी वीडियो ग्राफी कराने के राज्य सरकार के आदेश हवा-हवाई साबित हुए हैं। इसका बेहतर उदाहरण अभी तक 540 में से किसी भी मदरसे द्वारा वीडियो फुटेज उपलब्ध ना कराना है। इससे उन चर्चाओं को बल मिल रहा है। जिनमें कहा जा रहा है कि जनपद के मदरसों में ध्वजारोहण नहीं हुआ है। उधर, जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने ऐसे मदरसों पर सख्ती करने की तैयारी शुरू कर दी है।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के रिकार्ड के मुताबिक जिले में 540 मदरसे हैं। स्वतंत्रता दिवस से पूर्व शासन ने निर्देश दिए थे कि सभी मदरसों में राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाए और उसकी वीडियो ग्राफी कराई जाए। इन निर्देशों का अनुपालन कराने के लिए जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने जनपद के मदरसा संचालकों को 15 अगस्त पर तिरंगा फहराने के लिए पत्र लिखकर कहा था। पत्र में कहा गया था कि ध्वजारोहण कार्यक्रम की वीडियो ग्राफी कराकर विभाग को जल्द उपलब्ध कराई जाएगी। स्वतंत्रता दिवस को दो सप्ताह बीत चुके हैं। लेकिन किसी भी मदरसा संचालक ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ध्वजारोहण की वीडियो ग्राफी अभी तक उपलब्ध नहीं कराई है। ऐसे में उन चर्चाओं को बल मिल रहा है कि क्या किसी भी मदरसे में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ध्वजारोहण कार्यक्रम नहीं किया गया। अगर कार्यक्रम हुआ है तो मदरसा संचालक विभाग को वीडियो क्यों उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। इस बात को लेकर जिला अल्पसंख्यक विभाग के अधिकारी गंभीर हो गए हैं। मामले को लेकर कार्रवाई करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि मदरसा संचालकों को नोटिस भेजे जाएंगे।