परीक्षितगढ़। नगर में श्री रामलीला कमेटी के तत्वावधान में रामलीला मंचन में रावण द्वारा कुबेर से लंका को जीतना, देवताओं को बंधक बनाना और ऋषि मुनियों का रक्त लेने राजा जनक के राज्य में रक्त कलश को दबाने की लीला का मंचन किया गया। रावण ने ब्रह्मा से शक्ति प्राप्त करके कुबेर से युद्ध कर लंका पर अपना आधिपत्य जमाया, फिर पिता की आज्ञा से मेघनाद ने सभी देवताओं को बंधक बनाया। ऋषि मुनियों से रक्त नहीं देने पर उनका रक्त निकाल कर कलश में भरकर चल दिया। तब ऋषियों ने श्राप दिया कि जहां भी यह रक्त जाएगा, वहां विनाश होगा, घोर अकाल पड़ेगा। तब मेघनाद मंत्री के कहने पर उस कलश को राजा जनक के राज्य में दबा देते हैं। रंग मंच के कलाकारों ने सभी को भाव विभोर कर दिया। मंच संचालन विष्णु अवतार रुहेला ने किया। इस दौरान महासचिव पंडित श्याम दत्त शर्मा, विद्या भूषण गर्ग, भरत अग्रवाल, विकल गुर्जर, महावीर गुप्ता, भूरे शर्मा, ओंकार शर्मा, ब्रह्मजीत प्रजापति, अरुण कौशिक आदि का सहयोग रहा।