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Meerut News: स्मॉग करने लगा वार...सावधान न रहे तो हो जाएंगे बीमार

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मेरठ। सुबह और रात को स्मॉग की चादर फैलने लगी है। आंखों में जलन और सांस के रोगियों की सांसे फूलने लगी हैं। सामान्यतः एयर क्वालिटी इंडेक्स 0 से 50 के बीच ही होना चाहिए, लेकिन यह 200 के पार पहुंचने लगा है। आने वाले दिनों में और दिक्कत होगी। ऐसा ही रहा तो सेहत के लिए यह खतरनाक होगा। लिहाजा अभी से सावधान रहने की जरूरत है।
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आमतौर पर जब ठंडी हवा किसी भीड़भाड़ वाली जगह पर पहुंचती है तब स्मॉग बनता है। स्मॉग में पानी की बूंदों के साथ धूल और हवा में मौजूद जहरीले तत्व जैसे नाइट्रोजन ऑक्साइड और ऑर्गेनिक कंपाउंड मिलकर नीचे की तरफ ओजोन की गहरी परत बना लेते हैं। इससे दृश्यता बाधित होती है और यह पर्यावरण को भी अस्त-व्यस्त कर देती है।
सांस एवं छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. वीरोत्तम तोमर ने बताया कि स्मॉग से खांसी, गले और छाती में संक्रमण आदि बीमारियां हो सकती हैं। जिन लोगों को अस्थमा है उनके लिए यह काफी खतरनाक है। ऐसे लोगों को स्मॉग के दौरान घर से निकलने से बचना चाहिए। यह अस्थमा, साइनस और एलर्जी वालों मरीजों के लिए उत्प्रेरक का काम करती है। ये कण फेफड़े में चले जाते हैं। इसके लिए प्रदूषण भी काफी हद तक जिम्मेदार हैं।
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जिला अस्पताल के ईएनटी डॉ. बीपी कौशिक ने बताया कि स्मॉग के कारण सांस लेने में दिक्कत होने पर कई तरह की परेशानियां होती हैं। बुखार होने का खतरा भी बना रहता है। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, सांस के मरीजों के लिए ये कण ज्यादा नुकसानदेह हैं। इस तरह के मौसम में नए वायरस फैल जाते हैं, जो लोगों को कई तरह की बीमारियां देते हैं। ओपीडी में सांस के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।
मेडिकल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. लोकेश कुमार ने बताया कि से आंखों की नमी प्रभावित होती है। इससे आंखों में चिकनाहट कम होने लगती है और सूखापन आने लगता है। वहीं जब आंखों में स्मॉग के जरिए कार्बन के कण, पार्टिकल्स व कीटाणु आदि जाते हैं तो आंखों से सुरक्षा के तौर कुछ एंजाइम्स निकलते हैं। इन एंजाइम्स और धुंध से आए कणों के मिश्रण के कारण आंखों से पानी आना, आंखें लाल होना, सूजन, जलन, खुजली जैसी तमाम समस्याएं पैदा होने लगती हैं। जिससे व्यक्ति को परेशानी होती है। इससे बचने के लिए दिनभर में आंखों को कई बार धोएं। घर से निकलते समय गॉगल्स का प्रयोग जरूर करें। खुद डॉक्टर बनकर कोई आईड्रॉप आदि का प्रयोग न करें। किसी विशेषज्ञ से सलाह लें।
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स्मॉग से हो सकती हैं ये समस्याएं
- आंखों में जलन, श्वास संबंधी परेशानियां, फेफड़ों में संक्रमण, घबराहट, सिरदर्द, तनाव, अनिद्रा, चिड़चिड़ापन, त्वचा संबंधी बीमारियां

ये सावधानियां बरतें
- स्मॉगी दिनों पर अपनी गतिविधियां सामान्य रखें, यानि दौड़ना या साइकिल चलाना, टहलना आदि कम करें जिससे सांस की समस्याओं से राहत मिलेगी।
- घरों की खिड़कियां-दरवाजें बंद रखें
- सांस के मरीज अपनी दवाएं समय से लें
- कोई परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
- हरी सब्जियों व पौष्टिक आहार का सेवन करें, शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने से आप प्रदूषण से लड़ पाएंगे।
- धूम्रपान को ना कहें।
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