ऐसे तो कभी स्मार्ट नहीं बन पाएगा सिटी
सहारनपुर। स्मार्ट सिटी योजना में सहारनपुर का चयन हुए करीब दो साल बीत चुके हैं। बड़े-बड़े सपने दिखाए गए, डीपीआर बनती रहीं, प्रेजेंटेशन और बैठकें होती रहीं, लेकिन धरातल पर कोई बड़ी योजना नहीं उतरी। निगम ने जो प्रयास किए भी तो सुविधाओं का लाभ उठाने की बजाय कुछ खुराफाती लोग खुद ही उन्हें बर्बाद करते रहे। डस्टबिन और गमले तोड़ दिए गए, गमलों से पौधे और शौचालयों से तौलिए, मग और टोंटियां तक चोरी कर ली गईं। बार-बार एक ही सवाल, यही हाल रहा तो कैसे स्मार्ट सिटी बन पाएगा शहर।
कुछ डस्टबिन तोड़ दिए तो कुछ चोरी हो गए
नगर निगम ने सफाई व्यवस्था बनाने के लिए शहर भर में कूड़ेदान के एक हजार जोड़े (हरा और नीला) लगवाए थे। जिन पर 49 लाख रुपये खर्च किए गए। शहर के 20 वार्डों में 25 हजार जोड़े डस्टबिन के लगवाए गए थे, जिससे कि लोग कचरा सड़कों पर डालने की बजाय डस्टबिन में डालें। लोगों को इनका इस्तेमाल गीला और सूखा कूड़ा डालने के लिए करना था, मगर लोगों ने इस्तेमाल करने की बजाय या तो कूड़ेदानों को चोरी कर लिया या फिर तोड़ दिया। चकराता रोड पर एक भी कूड़ेदान नहीं मिलेगा, केवल स्टैंड खड़े हैं। नेहरू मार्केट और शहर में अन्य जगहों पर लगे कूड़ेदान भी टूटे पड़े हैं। सड़कों पर कूड़ा डाला जा रहा है।
सार्वजनिक शौचालयों का फिर हुआ बुरा हाल
शहर को खुले में शौचमुक्त बनाने के लिए सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालयों की व्यवस्था की गई है। 70 नए सार्वजनिक शौचालय बनाने का काम भी चल रहा है। नगर निगम ने उक्त शौचालयों में मग, तौलिए, साबुन आदि सुविधाएं दीं, मगर लोगों ने सब सामान साफ कर दिया। ज्यादातर शौचालयों से टोंटियां भी चोरी हो रही हैं।
गमलों से क्या दुशमनी, जो इन्हें तोड़ दिया
शहर को हरा-भरा बनाने के लिए कोर्ट रोड ओवरब्रिज, जिला अस्पताल ओवरब्रिज समेत अनेक मार्गों पर गमले रखवाए गए थे। इन गमलों को लोग लगातार तोड़ रहे हैं। तीन दिन पहले सुबह-सुबह कोर्ट रोड के गमले गिरे हुए मिले थे, जिन्हें सीधा कराया गया। कई गमलों से तो लोग पौधे निकालकर ले गए। कुछ ही दिन पहले आईटीसी रोड पर लगाए गए गमले टूटे मिले थे।
यूरिनल गंदे, खुले में लघुशंका करते नजर आते लोग
शहर ओडीएफ प्लस प्लस घोषित है। इसके लिए जगह-जगह शौचालय और यूरिनल बनवाए गए हैं। मगर लोग यूरिनल का इस्तेमाल करने की बजाय खुले में लघुशंका करना नहीं छोड़ रहे हैं। अंबाला रोड बस अड्डा इसका उदाहरण है, जहां प्रत्येक दिन सैकड़ों लोग खुले में लघुशंका करते नजर आ जाएंगे।
स्ट्रीट लाइट के पोल भी तोड़े, निगम भी बना बेपरवाह
शहर में एक माह पहले कोर्ट रोड ओवरब्रिज पर पथ प्रकाश के लिए नए पोल लगवाए गए थे। जिन पर एलईडी के साथ ही रंगीन लाइटें भी लगी हैं। मगर खुराफातियों ने दो पोल गिरा दिए। ये पोल अब भी ऐसे ही पड़े हैं, इन्हें ठीक नहीं कराया गया है।
50 हजार लोगों से लिया फीडबैक
स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 में सहारनपुर को अच्छी रैंक दिलाने के लिए नगर निगम ने एक लाख लोगों से फीडबैक लेने का लक्ष्य रखा है। फीडबैक 31 जनवरी तक दिया जा सकता है। रविवार तक करीब 50 हजार लोगों से फीडबैक ले लिया गया। लोगों से मोबाइल पर एसएस 2020 एप डाउनलोड कर फीडबैक देने की अपील की गई है।
वर्जन
नगर निगम की संपत्तियों और सुविधाओं को नुकसान पहुंचाने वालों की शिकायत टोल फ्री नंबर पर करें। नुकसान की भरपाई के साथ ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि लोग सफाई में सहयोग नहीं कर सकते हैं, तो कम से कम गंदगी भी न फैलाएं।
- ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त