स्मार्ट सिटी की तीन परीक्षाओं में खरा न उतरने पर अब चौथी अग्निपरीक्षा की तैयारी है। जल्द ही केंद्र सरकार से नगर निगम को प्रपोजल पर मार्किंग रिपोर्ट मिलने वाली है। जिसके बाद नई गाइड लाइन के हिसाब से फिर से स्मार्ट सिटी प्रपोजल पर काम शुरू हो जाएगा। खास बात यह है कि इस बार रायबरेली भी अपने प्रपोजल की तैयारी में जुट रहा है। ऐसे में भविष्य बताएगा कि सियासी चश्मे से किस शहर को ज्यादा महत्व दिया जाएगा।
केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने मंगलवार को जारी 27 स्मार्ट शहरों की सूची से मेरठ का नाम निकाल दिया था। जिससे मेरठ की जनता को बड़ा झटका लगा है। लेकिन इसके बावजूद नगर निगम प्रशासन और कंसलटेंट अब जनवरी में होने वाली चौथी परीक्षा में भी बैठने से पीछे नहीं हैं। साथ ही इस परीक्षा में हर कीमत पर पास होने के भी दावे करने शुरू कर दिए गए हैं।
मार्किंग रिपोर्ट करेगी खुलासा
निगम प्रशासन और कंसलटेंट द्वारा तैयार स्मार्ट सिटी प्रपोजल में कमी का खुलासा केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय द्वारा जारी की जाने वाली मार्किँग रिपोर्ट में हो जाएगा। उम्मीद है कि दो-तीन दिन में रिपोर्ट आ जाएगी। जिसमें यह स्पष्ट होगा कि मंत्रालय की टीम ने मेरठ के प्रपोजल में शामिल किन प्वाइंटों को खारिज किया। किस कमी पर कितने नंबर काटे। अब किस स्तर पर प्रपोजल तैयार किया जाएगा। बता दें कि जून 2016 में मंत्रालय को सौंपे गए प्रपोजल पर मार्किँग के आधार पर ही 27 शहरों का स्मार्ट सिटी के लिए चयन हुआ है।
नई गाइड लाइन पर नया प्रपोजल
जो शहर 20 सितंबर को स्मार्ट शहरों में शामिल नहीं हो पाए। उनको अब नई गाइड लाइन के साथ प्रपोजल तैयार करना होगा। कंसलटेंट बीके पटेल की मानें तो मार्किंग रिपोर्ट की गाइड लाइन के आधार पर हम समय से ही प्रपोजल तैयार करने में जुट जाएंगे। हो सकता है कि फिर से पूरी प्रक्रिया अपनानी पड़े। वोटिंग भी करानी पड़ सकती है। हालांकि यह निश्चित है कि मेरठ का नाम स्मार्ट शहरों की सूची में शामिल होगा।
खर्च होंगे दो करोड़
स्मार्ट सिटी के प्रपोजल पर केंद्र सरकार के खजाने से दो करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह बजट मेरठ के लिए ही नहीं बल्कि प्रत्येक शहर को दिया गया है। हालांकि जून 2016 में तैयार मेरठ स्मार्ट सिटी के प्रपोजल पर लगभग 15 लाख खर्च आया है। जिसमें से 10 लाख की धनराशि निगम खजाने से खर्च की गई। पांच लाख रुपये जनता ने अपने स्तर से खर्च किए। हालांकि निगम को अभी केंद्र से धन नहीं मिला है।