स्मार्ट सिटी की कंसल्टेंट टीम ने रविवार को शहर के दस से ज्यादा स्थानों पर घूमकर ग्राउंड रिपोर्ट तैयार की। इस दौरान व्यापारियों और दुकानदारों और स्मार्ट सिटी के लिए पूरा सपोर्ट किया। कंसल्टेंट टीम बाजारों और सड़कों में पक्के अतिक्रमण देख हैरान रह गई। सिर्फ इतना ही कहा कि अरे बाबा! ये कैसा हाल है?
स्मार्ट सिटी की डीपीआर तैयार करने के लिए कंसल्टेंट टीम शहर में है। टीम जहां जनता को स्मार्ट सिटी के लिए वोटिंग करने के लिए जागरूक कर रही है। वहीं, नगर निगम, एमडीए, आवास विकास, विद्युत विभाग, परिवहन विभाग, पीडब्लूडी, जल निगम, सीवर, पथ प्रकाश, उद्योग आदि सभी विभागों से पिछले तीन साल में किए गए कार्यों और भविष्य के लिए बनायी गई योजनाओं का लेखा-जोखा इकट्ठा कर रहे हैं।
अब ग्राउंड रिपोर्ट तैयार करने के लिए रविवार को कंसल्टेंट बीके पटेल, डॉ. रेखा बेन मिस्त्री, निगम अधिशासी अभियंता अजय कुमार, अवर अभियंता रामवृक्ष ने संयुक्त रूप से नगर निगम के बाहर से निरीक्षण शुरू किया। टीम जहां सड़क पर अतिक्रमण के कारण जाम में फंसकर पसीना-पसीना हो गई तो घंटाघर नाले पर पक्के अवैध निर्माण देखकर सभी हैरान रह गए।
निगम के आसपास के कारोबार की रिपोर्ट
ऐसे कारोबार की ग्राउंड रिपोर्ट तैयार की गईं, जो नगर निगम परिसर के आसपास ही हैं। कंसल्टेंट टीम कोटला में कैंची उद्योग का जायजा लेने एजाज आलम के कारखाने पर पहुंची। टीम ने कच्चे माल से लेकर बाजार, कारीगरों की मजदूरी तक पर वार्ता की। वहीं भविष्य में स्मार्ट सिटी बनने के बाद इस कारोबार की बदलने वाली दिशा पर जानकारी दी। साथ ही कारोबारियों से स्मार्ट सिटी के लिए वोटिँग में जुटने का आह्वान किया। इसके बाद टीम खैरनगर, शहर सर्राफा बाजार, लाला का बाजार, जली कोठी स्थित बैंडबाजा बाजार आदि जगह पहुंची। टीम के सदस्यों ने व्यापारियों से कच्चे माल से लेकर मजदूरों की मजदूरी, सुरक्षित बाजार और मूलभूत सुविधाओं पर जानकारी ली। सभी से स्मार्ट सिटी के लिए वेबसाइट पर वोट करने का आह्वान किया। टीम ने सूरजकुंड स्थित स्पोर्ट्स बाजार का भी जायजा लिया।
‘यहां तो अतिक्रमण की हद है’
मेरठ। नगर निगम के आसपास और एसपी सिटी ऑफिस के पास सड़क, नालों और अन्य जगह पर पक्के अतिक्रमण देखकर कंसल्टेंट टीम के सदस्य यही बोले कि ‘यहां तो अतिक्रमण की हद है’। कंसल्टेंट बीके पटेल और डॉ. रेखा बेन मिस्त्री ने कहा कि नाले पर अतिक्रमण के कारण ही सफाई नहीं होती। जिससे यहां से गुजरने वालों को सांस लेना भी दूभर हो जाता है। टीम के सदस्यों ने सड़क पर अतिक्रमण करके दुकान जमाए बैठे लोगों को स्मार्ट सिटी का स्वरूप समझाने का प्रयास किया। बताया कि स्मार्ट सिटी बनने के बाद आपको सड़क पर नहीं बल्कि सुंदर दुकानों में बैठने का अवसर मिलेगा। व्यापार बढ़ेगा, सुरक्षा बढ़ेगी और शहर की सुंदरता में चार चांद लगेंगे। इसके लिए टीम के सदस्यों ने व्यापारियों से 25 जून से पहले स्मार्ट सिटी के लिए अधिक से अधिक वोटिंग करने का आह्वान किया।
रेट्रोफिटिंग के लिए इलाकों का चयन शुरू
मेरठ। कंसलटेंट टीम ने फिलहाल रेट्रोफिटिंग के लिए शहर के कुछ इलाकों की चयन प्रक्रिया शुरू की है। रविवार को इन इलाकों को लेकर टीम ने मंथन हीं नहीं किया, बल्कि कुछ इलाकों का निरीक्षण भी किया। इन इलाकों को डीपीआर में शामिल किए जाने की तैयारी की जा रही है। हालांकि इसके लिए भी इन क्षेत्रों की जनता की वोटिंग प्राथमिक स्तर पर कार्य करेगी।
ये हैं इलाके
- घंटाघर, शहर सर्राफा, खैरनगर, जली कोठी, निगम के आसपास का एरिया
- हापुड़ अड्डा, नौचंदी मैदान, सूरजकुंड एरिया
- भूमिया पुल, ब्रह्मपुरी क्षेत्र
- छावनी क्षेत्र से जुड़ा इलाका रोहटा रोड फाजलपुर क्षेत्र
टाउन हॉल में बैठक आज
मेरठ। स्मार्ट सिटी के लिए अधिक से अधिक जनता को वोट करना होगा। वोट कैसे करें, क्या होगा वोट का फायदा, शहर की स्थिति में कितना आएगा सुधार, जनता को क्या मिलेगी अतिरिक्त सुविधाएं। इन सभी पहलुओं पर चर्चा करने के लिए आज सोमवार सुबह 11 बजे शहर के वरिष्ठ बुद्धिजीवी और शाम चार बजे संयुक्त व्यापार संघ के पदाधिकारी और व्यापारी टाउन हॉल में जुटेंगे। जिसमें महापौर हरिकांत अहलूवालिया, नगरायुक्त देवेंद्र कुशवाहा, कंसल्टेंट बीके पटेल जनता के सवालों का जवाब देंगे। साथ ही जनता से आह्वान करेंगे कि वह एकजुट होकर अधिक अधिक वोटिंग करके आगामी जुलाई माह में स्मार्ट सिटी पर काम शुरू होने वाली सूची वाले शहरों में शामिल हों सकें। इस बैठक में व्यापारियों का सबसे बड़ा योगदान रहेगा। वैसे भी शहर के व्यापारी स्मार्ट सिटी को लेकर बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।