मेरठ। अस्पतालों में मरीजों से लूट होने का आरोप लगाकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने दिनभर कलक्ट्रेट में नारेबाजी की और रात में किसानों के हुक्के की घुड़-घुड़ की आवाज गूंजती रही। आरपार की लड़ाई बताकर अमरण-अनशन पर बैठे अतुल प्रधान के समर्थन में देहात से ज्यादा लोग धरने पर है।
अतुल प्रधान के आमरण अनशन पर बैठने से पहले भट्टी बंद कराने और लाउडस्पीकर उतरवाने की जानकारी लगते हुए फलावदा, सरधना सहित कई गांव से किसान कलक्ट्रेट में पहुंचे। दिनभर समाजवादी पार्टी सहित अन्य दल के नेताओं ने निजी हॉस्पिटल के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश व्यक्त किया। शाम तक पुलिस-प्रशासन के अधिकारी भी अतुल प्रधान को मनाने में लगे रहे, बावजूद वह नहीं माने और उन्होंने निजी अस्पताल से आर-पार की लड़ाई का एलान किया। दिनभर नारेबाजी को देखते हुए पुलिस फोर्स तैनात किया गया। कलक्ट्रेट छावनी में तब्दील था। विधायक अतुल प्रधान ने अधिकारियों से कहा कि यह अमरण-अनशन अनिश्चितकाल तक चलेगा। सीओ कोतवाली अमित राय ने बताया कि रात में मेडिकल, सिविल लाइन और नौचंदी थाना पुलिस की ड्यूटी लगाई है।
अधिवक्ताओं ने भी नारे लगाए
अतुल के अमरण अनशन पर बैठते ही अधिवक्ताओं ने प्रशासन और निजी अस्पतालों के खिलाफ नारे लगाए। अधिवक्ता रामकुमार शर्मा ने बताया कि कचहरी के काफी संख्या में वकील भी इस लड़ाई में अतुल के साथ हैं। पुलिस ने ट्रैक्टर-टॉली को रोकने का प्रयास किया, जिस पर किसानों ने हंगामा कर दिया। इससे पहले मामला तूल पकड़ता, पुलिस ने बैरियर हटा दिए। कलक्ट्रेट परिसर में आने वाले फरियादी भी वापस लौट गए, क्योंकि धरने से पहले अधिकांश अधिकारी अपने-अपने कार्यालय चले गए।
नहीं पहुंचे सपा के अन्य विधायक
धरने पर सपा विधायक शाहिद मंजूर, रफीक अंसारी या फिर अन्य सपा का अन्य विधायक नहीं पहुंचे। इसको लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में चर्चा रही। अतुल के धरने पर सपा की खेमेबंदी भी खूब दिखाई दी। सपा जिलाध्यक्ष विपिन चौधरी, आदिल चौधरी, पार्षद कुलदीप उर्फ कीर्ति घोपला, निरंजन सिंह, रविंद्र प्रेमी और अहतेशाम इलाही आदि सपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। धरने पर राष्ट्रीय जाट महासभा के अध्यक्ष सचिन सरोहा, सचिन शेखर, संदीप तितोरिया, प्रवीण चौधरी, राजदीप विकल, अंकित चौधरी, हिफजुर्रहमान अंसारी और शमसुद्दीन कुरैशी सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे है।