परिजनों ने पुलिस से की कंकाल की डीएनए जांच की मांग
सरधना। गांव नवाबगढ़ी में बुधवार शाम जंगल में कंकाल मिला है। एक स्थान पर काफी हड्डियां बिखरी हुई थी, जिन्हें देखकर ग्रामीणों और परिजनों ने आशंका जताई कि ये करीब नौ महीने से लापता रिहान की हो सकती हैं। परिजनों ने पुलिस से डीएनए जांच की मांग की है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में हड्डियां किसी जानवर की प्रतीत हो रही हैं। फिर भी जांच कराई जाएगी।
नवाबगढ़ी निवासी 12 वर्षीय रिहान पुत्र इमरान लगभग सात माह पूर्व रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया था। परिजनों ने उसकी हरसंभव तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसी बीच, गांव में एक अन्य किशोर की हत्या के मामले में एक तांत्रिक को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में तांत्रिक ने रिहान की भी हत्या कर शव जंगल में दफनाने की बात स्वीकार की थी। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने कई दिनों तक जंगल में खोजबीन की, लेकिन तब कोई शव बरामद नहीं हो सका।
बुधवार को ग्रामीणों ने रिहान के घर के पास जंगल में कंकाल जैसी हड्डियां देखीं तो उन्होंने तुरंत इसकी सूचना रिहान के परिजनों को दी। परिजनों मौके पर पहुंचे और रिहान का कंकाल मानते हुए पुलिस को सूचित किया। रिहान के पिता ने पुलिस से डीएनए जांच की मांग करते हुए कहा कि जब तक वैज्ञानिक रूप से पुष्टि नहीं होती, तब तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता।
सीओ सरधना आशुतोष कुमार का कहना है कि प्रारंभिक दृष्टि में हड्डियां किसी पशु की प्रतीत हो रही हैं, लेकिन परिजनों की मांग पर जांच कराई जाएगी और संभव होने पर डीएनए परीक्षण भी करवाया जाएगा।