सरूरपुर(मेरठ)। कस्बा हर्रा को नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बाद भी विकास से अछूता रह गया। मुुख्य मार्ग सहित गलियों में गंदगी पसरी हुई है। उप स्वास्थ्य केंद्र और डस्टबिन के रखरखाव की कमी के चलते बदहाल है। यहां के लोग मूलभूत सुविधाओं से अछूते हैं।
दो साल पूर्व 35 हजार की आबादी वाले गांव हर्रा को नगर पंचायत का दर्जा मिला तो ग्रामीणों में खुशी दिखाई दी। लोगों को लगा यहां विकास नजर आया और न यहां की सूरत बदली है। मुख्य मार्गों से लेकर गलियों तक में जलभराव, गंदगी देखने को मिल सकती है। जिससे पैदल चलना मुश्किल हो जाता है। स्कूल जाते समय में बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं। अभी तक दर्जनों बाइक सवार यहां गिरकर घायल हो चुके हैं। कस्बा निवासी हाजी बल्लू, कुरबान, तैमूर, खालिद, सोनू, मो. अली चौहान, नफीस, मंजूर, मारूफ, गुलबहार, हसरत आदि ने बताया कि नगर पंचायत बने दो साल बीते चुके है तब से ही हर्रा कस्बे में अधिकतर रास्तों पर जल भराव है। अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है। पर शिकायतों पर कोई भी गौर करने वाला नहीं है। गुलजार, हामिद, उरूज, खालिद ने बताया कि उनके शौचालय स्वीकृत होने के बाद भी आज तक निर्माण नहीं हुआ है। आरोप है कि ठेकेदार ने शौचालय निर्माण की धनराशि ले ली है। वार्ड 5, 10, 13, 14 में ज्यादातर रास्तों पर जलभराव है। वहीं, स्वच्छ भारत मिशन के तहत खरीदे गए लाखों रुपये कीमत के डस्टबिन व अन्य सामान बेतरतीब पड़ा है। नगर पंचायत को दो साल में करीब छह करोड़ से अधिक मिल चुका है। लेकिन अभी तक कस्बे में विकास की गति नहीं बढ़ी है। कस्बे का उप स्वास्थ्य केंद्र अनदेखी के चलते बदहाल है। प्रधानमंत्री आवासी योजना के तहत करीब 550 मकान बनाए जाने है। आरोप है कि अभी से ही मकान स्वीकृत कराने के लिए सभासद आवेदकों से 20 से 30 हजार रुपये ले रहे हैं।
विकास कार्य कराए जा रहे
कस्बे में विकास कार्य लगातार कराए जा रहे हैं। जिन रास्तों पर जलभराव की समस्या बनी हुई है उनके प्रस्ताव मांगे गए है। टेंडर प्रक्रिया के बाद रास्तों और नाली का निर्माण कराया जाएगा। - हुस्नो बेगम, चेयरपर्सन हर्रा।
भ्रष्टाचार पर होगी सख्त कार्रवाई
विकास कार्य टेंडर प्रक्रिया में है जल्द निर्माण शुरू होगा। नाली हेतू एस्टीमेट तैयार कराकर प्रशासन को भेजा है। करीब 800 विद्युत पोल पर लाइट लगाई गईं हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना में भ्रष्टाचार की शिकायत पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। - पवित्रा त्रिपाठी, ईओ, हर्रा।