हस्तिनापुर। क्षेत्र के गांव मखदूमपुर में चार दिन पूर्व पशु चिकित्सकों द्वारा वितरित की गई पेट के कीड़ों की दवाई पशुपालकों द्वारा पिलाई जाने के बाद कई गोवंश के बच्चों ने दम तोड़ दिया। इससे अन्य गोवंश पालक भी भयभीत हो गए। मामले की सूचना पर पशु चिकित्सकों की टीम ने गांव में पहुंचकर तुरंत उपचार शुरू कर दिया और मौत का कारण ओवरडोज दवा देना बताया।
मखदूमपुर निवासी कपिल ने बताया कि चार दिन पूर्व किशोरपुर पशु चिकित्सालय पर तैनात कर्मचारियों द्वारा पशुओं को पिलाने के लिए पेट के कीड़ों की दवाई वितरित की गई थी। उसने भी दो दिन पूर्व अपने गोवंश के बछड़ों को भी दवा पिला दी। इससे उसके एक गोवंश ने सोमवार तथा दो गोवंश ने मंगलवार को दम तोड़ दिया। पीड़ित ने बताया कि पशु चिकित्सकों द्वारा अभी भी तीन गोवंश का उपचार किया जा रहा है। वहीं ग्रामीण मांगे व मनोज के भी एक-एक बछड़े ने दम तोड़ दिया। इस मामले में सभी पशुपालकों का कहना है कि पशुपालन ही उनका आजीविका का साधन है। छोटे-छोटे गोवंश की मौत से उन्हें नुकसान हुआ है।
उधर, मामले की जानकारी पशु चिकित्सकों को हुई तो हड़कंप मच गया। पशु चिकित्सकों की एक टीम पिछले 24 घंटे से गांव में पशुओं के उपचार में लगी है। ग्रामीण कपिल ने बताया कि चिकित्सकों द्वारा उन्हें गोवंश के पेट में होने वाले कीड़ों की दवाई वितरित की गई थी, परंतु उन्होंने दवा की ओवरडोज खुराक गोवंश को पिलाई। इस कारण गोवंश की मौत हुई।
ओवरडोज हो सकता है मौत का कारण
वितरित की गई दवाई एक्सपायर नहीं थी। गोवंश पालकों द्वारा अधिक मात्रा में दवाई पिलाने से ऐसा हुआ है। गांव में वितरित की गई दवाई वापस ले ली गई है। मुख्यालय को भी सूचित कर दिया गया है। -डाॅ. ओम प्रीति, कार्यवाहक प्रभारी एवं पशु चिकित्सा अधिकारी, किशोरपुर