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सिवाल में भाजपा ने दी चौंकाने वाली पटकनी

Wed, 15 Mar 2017 02:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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आजादी के बाद से सिवालखास सीट से खाता खोलने को तरस रही भाजपा ने इस बार सभी को चौंकाने वाली पटकनी दी। बूथवार मिले मतों के आंकड़ों में जहां मुस्लिमों ने हाथी को पसंद नहीं किया, वहीं तमाम विरोध के बावजूद जाटों ने खूब कमल खिलाया। कई जाट बहुल गांवों में तो भाजपा को रालोद से ज्यादा वोट मिले। यही नहीं, रालोद नेताओं के गांव में भाजपा को, तो भाजपा नेताओं के गांव में रालोद प्रत्याशी को ज्यादा वोट मिले। ऐसे में उनकी राजनीति पर सवाल उठना लाजिमी है।
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सिवालखास गत विधानसभा 2012 से पहले सुरक्षित सीट रही है। जहां से भाजपा ने कभी जीत का स्वाद नहीं चखा था। सबसे ज्यादा यहां से जीतती रही रालोद को यह सीट सामान्य होने के बाद नसीब नहीं हुई। पिछली बार सपा के गुलाम मोहम्मद जीते तो इस बार भाजपा के जितेंद्र पाल सिंह विजयी रहे। प्रत्याशियों को बूथवार मिले मतों के आंकड़ों पर नजर डालें तो विस क्षेत्र के जाट बहुल बड़े एवं मुख्य गांवों छुर, सरूरपुर, रोहटा, करनावल, भदौड़ा, पाथौली और नेक आदि में जहां रालोद का दबदबा रहा, तो भाजपा को भी खूब वोट मिले। वहीं जिंजोखर,  दबथुआ और खानपुर में भाजपा ने रालोद को पीछे छोड़ दिया।
मुस्लिम बहुल सिवालखास, हर्रा, खिवाई में सपा की साइकिल हाथी से तेज दौड़ी। गुलाम मोहम्मद ने अपने पुश्तैनी गांव नंगला कुंभा में एकतरफा 602 वोट लिए तो बसपा के नदीम चौहान अपने कस्बा सिवाल में 2931 वोट ही हासिल कर पाए। यहां गुलाम मोहम्मद ने 5675 वोट बटोरे। हर्रा में गुलाम को 5205 और नदीम को 1099 मत मिले। खिवाई में गुलाम को 5727 और नदीम को 1616 मत मिले। दलित बहुल बूथों पर हाथी ने किसी को भी अपने सामने टिकने नहीं दिया।
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कहीं नल सूखा, कहीं कमल मुरझाया
सिवाल में रालोद के नेताओं की फौज होने के बावजूद यहां से भाजपा को ज्यादा वोट मिले। पार्टी के प्रदेश महासचिव राजेंद्र चिकारा व पूर्व छात्र लोकदल अध्यक्ष संदीप चौधरी के गांव खानपुर में रालोद को 488 और भाजपा को 1326 वोट मिले। वहीं इंद्रपाल सिंह के गांव जिंजोखर में रालोद को 639 तो भाजपा को 692 वोट हासिल हुए। भाजपा की जिपं सदस्य मीनाक्षी भराला के गांव नेक में भाजपा को 437 वोट मिलीं तो रालोद को करीब 846 वोट मिले। रालोद के पूर्व जिलाध्यक्ष राजेंद्र जानी के गांव जानी में रालोद को 983 वोट मिले तो भाजपा को 1504, सपा 2866 व बसपा को 1282 मत मिले। सुनील रोहटा के गांव रोहटा में भी कमल को 1475 वोट और रालोद को 1579 मत मिले।

सतवाई में नहीं मिले एकतरफा वोट
भाजपा के नवनिर्वाचित विधायक जितेंद्र पाल सिंह के गांव सतवाई में उनके पक्ष में एकतरफा मतदान नहीं हुआ। उन्हें 894 वोट मिले। जबकि यहां से बसपा को 365, सपा को 232 और रालोद को 198 मत मिले।

यहां रहा दबदबा
क्षेत्र के त्यागी-ब्राह्मण व गुर्जर बहुल गांवों में कमल का दबदबा रहा। ईकड़ी, बाड़म, रासना, पांचली में सबसे ज्यादा वोट मिले। जबकि दलित व मुस्लिम आबादी ने बसपा, सपा को वोट किया। रालोद को यहां अपेक्षा से कम वोट मिले।
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मिले वोट के आंकड़े
गांव                सपा         भाजपा      बसपा        रालोद       
छुर                190          758        148         3192
सरुरपुर            92           543         630         1664
दबथुआ           227         1310      665         1260
हर्रा                5205       333        1099          98
खिवाई           5727        1616       442          59
रासना           173           1219       454         157
सतवाई          232           894         365         198
सिवालखास    5675          792         2931       438
खानपुर          475           1326        380         488
जानी            2866          1504      1282       983
रोहटा            491           1475       1184     1579
नेक             106             437         591        846
ईकड़ी          349             1225      421        449
जांजोखर      196              692        449         639     
पाथौली        149             474         216        1005
भदौड़ा          99              489         206         972
करनावल      541             1606       519        3127
नंगला कुंभा    602               3           129        2
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