मुंडाली। क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती और विभागीय लापरवाही के कारण गांव भगवानपुर चट्टावन, नंगला कबूलपुर और समयपुर की बिजली व्यवस्था चरमरा गई। ग्रामीण लगभग पांच घंटे तक अंधेरे में रहे। गुस्साए ग्रामीणों ने परेशान होकर रात करीब 11 बजे सिसौली बिजली घर का घेराव कर लिया। किसान मजदूर संगठन के युवा विंग के जिलाध्यक्ष अंशुल तोमर भी मौके पर पहुंच गए और धरना देने की बात करते हुए रात्रि में ही धरने पर बैठ गए।
शनिवार रात रजपुरा ब्लॉक के तीन गांवों में बिजली विभाग की लापरवाही सामने आई, जिसमें तीनों गांवों को जाने वाली विद्युत लाइनों के जंफर खराब होने पर उनको समय से सही नहीं किया गया। इससे ग्रामीण गर्मी में परेशान हो गए। ग्रामीणों से गर्मी सहन नहीं हुई तो वह एकत्र होकर सिसौली बिजली घर पर पहुंच गए। ग्रामीणाें ने बिजली कटौती के बारे में वहां तैनात कर्मचारी से जानकारी ली। उसने बताया कि तीनों गांवों को जाने वाली मुख्य बिजली की लाइन के जंफर खराब होने के कारण बिजली की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। वहीं बिजली घर पर भी कोई बिजली कर्मी भी नहीं था। इसी दौरान मौके पर किसान मजदूर संगठन के युवा विंग के जिलाध्यक्ष अंशुल तोमर भी पहुंच गए जिनके नेतृत्व में आक्रोशित ग्रामीणों ने बिजली घर पर बिजली निगम के विरुद्ध नारेबाजी शुरू कर दी।सिसौली बिजली घर के जेई अंशुल तोमर से फोन पर वार्ता की गई तो उन्होंने कहा कि वह रात्रि में मौके पर नहीं पहुंच सकते हैं। उन्होंने रात्रि में ही बिजली कर्मी द्वारा खराब हुई जंफर को सही करा देने की बात कही। इसके बाद रात करीब 1:00 बजे बिजली आपूर्ति सुचारू हो सकी।
वहीं किसान मजदूर संगठन के कार्यकर्ता बिजली घर सिसौली पर काफी समय से लंबित पड़े विभिन्न मामलों को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। रविवार सुबह बिजली घर पर एसडीओ रविंद्र यादव पहुंचे। उन्होंने संगठन जिलाध्यक्ष से धरना समाप्त करने के लिए कहा। जिलाध्यक्ष ने कहा कि बिजली घर पर लंबित पड़ी पांच समस्याओं का समाधान किया जाए। एसडीओ ने मौके पर बिजली कर्मियों को भेजकर दो समस्याओं का समाधान कर दिया। बाकी तीन समस्याओं का भी दो से तीन में समाधान करने का आश्वासन दिया। इसके उपरांत दोपहर करीब 1:00 बजे धरना समाप्त कर दिया गया। इस दौरान संगठन से विनय तोमर, शिवकुमार, योगेश तोमर तथा तीनों गांवों के लोग मौजूद रहे।
सिसौली बिजली घर पर धरनारत किसान मजदूर संगठन के जिला अध्यक्ष व कार्यकर्ताओं से वार्ता करते एसडीओ