मेरठ। विशेष गहन पुनरीक्षण में एएसडीडी (अनुपस्थित, शिफ्ट, मृत्यु व डुप्लीकेट मतदाता) श्रेणी वाले मतदाताओं के भी गणना प्रपत्र को बीएलओ भरकर उनका डिजिटाइजेशन करेंगे। एएसडीडी मतदाता का 2003 की मतदाता सूची के आधार पर रिकॉर्ड उपलब्ध कराना होगा। निर्वाचन आयोग के निर्देश हैं कि 2025 की सूची में सभी मतदाताओं का 100 प्रतिशत डिजिटल ब्योरा देना होगा। जनपद में 75 प्रतिशत मतदाताओं ने गणना प्रपत्र भरकर बीएलओ को जमा किए हैं। इनका डिजिटाइजेशन हो चुका है। वहीं, 25 प्रतिशत मतदाता को एएसडीडी में तलाश करने के लिए सत्यापन कराया जा रहा है।
जिले में 26 लाख 99 हजार 820 में से 20 लाख 24 हजार 865 मतदाताओं का डिजिटाइजेशन हो चुका है। करीब 6.75 लाख मतदाताओं को ढूंढने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी ने 275 अफसरों की ड्यूटी लगा दी है। इसे देखते हुए एएसडीडी श्रेणी वाले मतदाताओं का दोबारा सत्यापन किया रहा है। इसके बाद पारदर्शिता के साथ मतदाता सूची तैयार होगी।
जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. वीके सिंह ने बताया कि जो मतदाता अनुपस्थित हैं, दूसरी जगह शिफ्ट हो गए, मृत्यु हो गई है या फिर डुप्लीकेट मतदाता है, उनकी जानकारी भी 2003 की मतदाता सूची के आधार पर गणना प्रपत्र भरना होगा ताकि स्पष्ट हो जाए कि जिले में सभी मतदाता की जानकारी बीएलओ के रिकॉर्ड में है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि यदि कोई मतदाता का भूलवश गणना प्रपत्र जमा नहीं कर पाया या फिर दूसरी जगह शिफ्ट हो गया है, उसका नाम भी एएसडीडी में आ जाएगा।