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हाईवे पर रहा सन्नाटा, बाजार रहे बंद

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मेरठ/मोदीपुरम। कोरोना के कारण रविवार को लॉकडाउन के दौरान बाजार पूरी तरह बंद रहे। हाईवे पर पूरी तरह सन्नाटा पसरा रहा। सिवाया टोल प्लाजा से अन्य दिनों के मुकाबले पांच प्रतिशत ही वाहन गुजरे। वहीं रोडवेज बस अड्डों पर भी काफी कम यात्री पहुंचे।
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मोदीपुरम चेक पोस्ट के अलावा दुल्हैड़ा चुंगी व चौहान मार्केट में दिनभर पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस ने बिना मास्क व बेवजह घूमने वाले लोगों को चेतावनी देकर घर भेजा। इसके अलावा सोमवार को साप्ताहिक बंदी को लेकर व्यापारियों की एक बैठक हुई। इसमें साप्ताहिक बंदी का पालन करने के लिए व्यापारियों से अपील की गई। इस दौरान देवेंद्र चौहान उर्फ डीके, कृष्ण सैनी, देवेंद्र चौधरी, दीपक सक्सेना, वैभव मलिक, अभिषेक विहान, विजय गोयल, संदीप पांडेय मौजूद रहे। वहीं बस अड्डों पर भी यात्री कम रहे। अधिकतर अनुबंधित बस ऑपरेटरों ने तो घाटे से बचने के लिए बसें ही नहीं भेजी। भैसाली और सोहराबगेट बस अड्डों पर दिल्ली, गाजियाबाद, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बरेली, मुरादाबाद, बागपत, शामली, लखनऊ, आगरा, अलीगढ़ आदि रूटों पर जाने वाली बसें तो भेजी गई, लेकिन यात्री न के बराबर ही निकले। मेरठ डिपो के वरिष्ठ केंद्र प्रभारी देवेंद्र भारद्वाज ने बताया कि लखनऊ से आई बस में केवल तीन यात्री आए। इसमें एक यात्री शामली और दो मेरठ के थे। एक यात्री के लिए बस को शामली भेजा गया। वहीं मेरठ रोडवेज रीजन को सामान्य दिनों में करीब 70 लाख रुपये प्रतिदिन की आय होती है, लेकिन लॉकडाउन के चलते यह करीब चार लाख पर ही सिमट गई। अनुबंधित बस ऑपरेटरों ने नुकसान के डर से अपनी सभी बसों को नहीं भेजा।
बसों में 20 फीसदी यात्रियों ने किया सफर
मेरठ/परतापुर। लॉकडाउन के चलते मेरठ से दिल्ली और दिल्ली से मेरठ आने वाले वाहनों की संख्या बेहद कम रही। जीआर इंफ्रा के अधिकारियों ने टोल प्लाजा पर 19 गेट में से केवल 8 गेट खोले। टोल प्लाजा पर महज पांच फीसदी वाहन गुजरे। एक्सप्रेसवे पर रोजाना 90 हजार से एक लाख वाहनों का आवागमन रहता है। वहीं, रोडवेज बसों में यात्रियों की संख्या 20 फीसदी ही रही। ब्यूरो
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